बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण केस में 9 सितंबर अहम, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी निगाहें

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 बनभूलपुरा में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले सुरक्षा बढ़ी
दो दिन बाद छावनी में बदलेगा हल्द्वानी! बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण पर 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
हल्द्वानी। बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में 9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की ऑनलाइन लिस्ट में मामला तीसरे नंबर पर सूचीबद्ध है। ऐसे में इस बार सुनवाई होने और मामले में कोई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश अथवा फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। सुनवाई से पहले हल्द्वानी पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। बनभूलपुरा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ ही फ्लैग मार्च की तैयारी की जा रही है।
रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में करीब 31 हेक्टेयर भूमि रेलवे की है, जिस पर अतिक्रमण होने का मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन है। अतिक्रमण हटाने को लेकर मामला पहले हाई कोर्ट और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। इस मामले में हजारों परिवारों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पूरे क्षेत्र की निगाहें अब 9 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं।
पीएम आवास योजना के फॉर्म भी भरवाए गए थे
पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद न्यायालय के निर्देशों के तहत जिला प्रशासन और रेलवे की टीम ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों से प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म भरवाए थे। इसके बाद मामले में लंबे समय से कोई प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 9 सितंबर की तारीख और केस की लिस्टिंग सामने आने के बाद एक बार फिर हल्द्वानी में हलचल बढ़ गई है।
तीसरे नंबर पर मामला, सुनवाई की उम्मीद बढ़ी
याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के अनुसार बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामला सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट में तीसरे नंबर पर सूचीबद्ध है। ऐसे में इस बार सुनवाई होने की संभावना पहले के मुकाबले अधिक है। हालांकि अंतिम निर्णय न्यायालय की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।
सुरक्षा के घेरे में रहेगा बनभूलपुरा
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा रही है। सुनवाई से पहले क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
फैसले पर हजारों परिवारों की नजर
बनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद केवल जमीन का मामला नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में स्थानीय परिवारों के भविष्य का सवाल जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि 9 सितंबर की सुनवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है। पुलिस-प्रशासन की बढ़ती सक्रियता से साफ है कि सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और वहां से आने वाले अगले आदेश पर टिकी हैं।