गौला नदी में जल्द शुरू होगा खनन, डीएम रयाल ने तैयारियां पूरी करने के दिए निर्देश

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

गौला नदी में जल्द शुरू होगा खनन, डीएम रयाल ने तैयारियां पूरी करने के दिए निर्देश

हल्द्वानी। राज्य सरकार को खनन से सबसे अधिक राजस्व देने वाली गौला नदी में एक बार फिर खनन कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने वन विभाग और वन निगम के अधिकारियों को गौला नदी में खनन शुरू करने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के निर्देश के बाद संबंधित विभाग तैयारियों में जुट गए हैं। खनन शुरू होने से इससे जुड़े वाहन स्वामियों, मजदूरों, स्टोन क्रशर संचालकों और स्थानीय कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

जिलाधिकारी ने गौला नदी के सभी 11 खनन निकासी गेटों को दुरुस्त करने के साथ ही खनन क्षेत्र तक पहुंचने वाले मार्गों को तैयार करने और खनन क्षेत्र का सीमांकन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा खनन शुरू करने से पहले आवश्यक अन्य औपचारिकताओं को भी शीघ्र पूरा करने को कहा गया है। प्रशासन की ओर से तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए जाने के बाद संबंधित विभागों ने काम शुरू कर दिया है।

गौला नदी में खनन का इंतजार लंबे समय से खनन कारोबार से जुड़े लोगों और मजदूरों को है। गौला में खनन कार्य के लिए 7 हजार से अधिक वाहन पंजीकृत हैं, जबकि हजारों मजदूर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से खनन तथा इससे जुड़े कार्यों से रोजगार प्राप्त करते हैं। खनन गतिविधियां शुरू होने पर वाहन स्वामियों, चालकों, मजदूरों, मैकेनिकों, पेट्रोल पंप संचालकों और अन्य छोटे-बड़े कारोबारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

गौला नदी से निकलने वाले उपखनिज से जुड़े कारोबार का प्रभाव हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के बाजारों पर भी पड़ता है। क्षेत्र में कई स्टोन क्रशर संचालित होते हैं, जिनकी गतिविधियां भी गौला में खनन शुरू होने के साथ गति पकड़ सकती हैं। स्थानीय स्तर पर गौला से जुड़े कारोबार से करीब 500 करोड़ रुपये के व्यापार का दावा किया जाता है।

गौला नदी में खनन शुरू होने से राज्य सरकार को भी बड़े स्तर पर राजस्व मिलने की उम्मीद है। खनन से प्राप्त राजस्व के साथ ही इससे जुड़े परिवहन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से भी सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से आय होती है। ऐसे में गौला में खनन शुरू होना सरकार के राजस्व के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब प्रशासन और संबंधित विभागों की तैयारियों पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि निर्धारित औपचारिकताएं और तैयारियां समय पर पूरी होती हैं तो आने वाले समय में गौला नदी के खनन निकासी गेटों पर गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से काम की प्रतीक्षा कर रहे हजारों लोगों को रोजगार और कारोबार मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।