अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू, तहसील परिसर में गूंजे जनगीत और नारे
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने और गौला नदी किनारे स्थायी तटबंध निर्माण की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन के नेतृत्व में सोमवार से तहसील लालकुआं परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। धरना स्थल पर जनगीत “ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के…” की गूंज के साथ आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
तहसील परिसर में जुटे बिंदुखत्तावासियों ने कहा कि वर्षों से चली आ रही राजस्व गांव की मांग अब केवल ज्ञापन और आश्वासनों तक सीमित नहीं रहेगी। आंदोलनकारियों ने सरकार से बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने के साथ ही गौला नदी के कटाव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थायी सुरक्षा के लिए मजबूत तटबंध निर्माण शुरू कराने की मांग उठाई।
आंदोलनकारियों के अनुसार, बिंदुखत्ता के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों का सामूहिक दावा 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। इसके बावजूद अधिसूचना जारी नहीं होने को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बनी हुई है। 27 सितंबर को आयोजित महारैली के बाद मिले आश्वासन के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अब आंदोलनकारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया है।
वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि जनता अधिसूचना जारी होने तक चुप बैठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्तावासियों की राजस्व गांव की मांग लंबे समय से चली आ रही है और अब आंदोलन के माध्यम से इसे लगातार उठाया जाएगा।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने, गौला नदी किनारे तटबंध निर्माण शुरू कराने तथा क्षेत्र में नशे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नशे के बढ़ते प्रभाव से बच्चों और युवाओं को बचाना अभिभावकों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
वन अधिकार संगठन की महिला नेत्री ममता बिष्ट और पूर्व भाजपा बिंदुखत्ता मंडल प्रभारी जानकी बिष्ट ने भी राजस्व गांव की अधिसूचना और गौला नदी किनारे मजबूत तटबंध निर्माण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कच्ची-पक्की शराब, स्मैक और चरस के बढ़ते प्रभाव पर पुलिस-प्रशासन को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
संगठन के संरक्षक कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी ने कहा कि राजस्व गांव की मांग को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान प्रत्येक दिन बिंदुखत्ता के अलग-अलग गांवों के लोग धरने में शामिल होंगे। सोमवार को प्रथम दिन इंद्रानगर क्षेत्र के ग्रामीण धरने पर बैठे।

धरना स्थल पर अर्जुन नाथ गोस्वामी, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष दीपक जोशी, भाजपा नेता नंदन सिंह बोरा, ममता बिष्ट, जानकी बिष्ट, मोहिनी मेहता, राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखंडी, नंदन जग्गी, पूरन परिहार, विक्की पाठक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे। सभी ने कहा कि अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
धरना स्थल पर गिर्दा और बल्ली सिंह चीमा के जनगीतों के साथ अन्य नवीन जनगीत भी गूंजते रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांग स्पष्ट है—बिंदुखत्ता को राजस्व गांव की अधिसूचना और गौला नदी किनारे स्थायी तटबंध। उनका कहना है कि अब आश्वासन के बजाय शासन स्तर से ठोस आदेश की अपेक्षा है।

