आईजी निवेदिता कुकरेती के निर्देशन में पंतनगर में होगा राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन, 6 राज्यों और नेपाल के प्रतिनिधि करेंगे मंथन

 

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉

मानव तस्करी पर राज्य स्तरीय सम्मेलन

आईजी निवेदिता कुकरेती के निर्देशन में पंतनगर में होगा राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन, 6 राज्यों और नेपाल के प्रतिनिधि करेंगे मंथन

पंतनगर। मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के प्रभावी बचाव एवं पुनर्वास तथा अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से 09 अक्टूबर 2026 को पंतनगर में राज्य स्तरीय मानव तस्करी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन की तैयारियां पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती के निर्देशन में की जा रही हैं।

 

सम्मेलन में उत्तराखंड समेत छह राज्यों के पुलिस अधिकारी, नेपाल की सामाजिक संस्था ‘मैती’ के प्रतिनिधि, पुलिस-प्रशासन, अर्द्धसैनिक बल, सुरक्षा एजेंसियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के करीब 134 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा सभी जनपदों के SSP/SP, 13 एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के नोडल अधिकारी, AHTU प्रभारी एवं पुलिसकर्मी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, श्रम, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समितियों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

कुमाऊं में सामने आए तस्करी के मामले होंगे चर्चा का केंद्र

सम्मेलन में कुमाऊं क्षेत्र में सामने आए मानव तस्करी के मामलों और उनसे मिले अनुभवों एवं चुनौतियों पर भी मंथन किया जाएगा। वर्ष 2018-19 में ऊधमसिंहनगर में नेपाल की 16 महिलाओं को सीमा क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। वर्ष 2021 में पिथौरागढ़ में मां और सौतेले पिता द्वारा दो नाबालिग बेटियों को करीब 90 हजार रुपये में राजस्थान के अजमेर के लोगों को बेचने का मामला सामने आया था, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया।

वर्ष 2022 में ऊधमसिंहनगर में हरियाणा, दिल्ली और नेपाल से युवतियों को लाकर देह व्यापार कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन महिलाओं को मुक्त कराया गया। वर्ष 2023 में हल्द्वानी में एक नाबालिग बालिका को रेस्क्यू किया गया, जिसे कथित तौर पर नशे के इंजेक्शन देकर मानव तस्करी/देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क में धकेलने का प्रयास किया जा रहा था।

वर्ष 2025 में काशीपुर में अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें नेपाल से नौकरी का झांसा देकर लाए गए 32 युवकों को बंधक बनाकर रखा गया था। इसी तरह कुमाऊं के युवाओं को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाने और बाद में म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटरों में पहुंचाकर साइबर ठगी के लिए मजबूर किए जाने के मामले भी सामने आए।

सीमा पार तस्करी और साइबर नेटवर्क पर विशेष फोकस

सम्मेलन में सीमा क्षेत्रों की निगरानी, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, साइबर माध्यमों से मानव तस्करी, पीड़ितों की पहचान और रेस्क्यू, सुरक्षित पुनर्वास तथा तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई पर विशेष चर्चा होगी।

विशेषज्ञ वक्ताओं में डॉ. वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक एनडीआरएफ पी.एम. नायर, SWRC बनबसा के संस्थापक/सचिव जनक बहादुर चंद, मदद फाउंडेशन इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन के संस्थापक राजेश मनी, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के राष्ट्रीय संयोजक एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रविकांत, जी.सी. पंचोली, अपर्णा अवस्थी, वरिष्ठ उप निरीक्षक अंजु कुमार सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर समेत अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे।

कुमाऊं परिक्षेत्र पुलिस मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मानव तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना और पीड़ितों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।

उत्तराखंड पुलिस का संकल्प—मानव तस्करी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, पीड़ितों की सुरक्षा और सुरक्षित समाज का निर्माण।