अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग पर इंडिया गठबंधन का मशाल जुलूस, नौवें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने सहित नौ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को समर्थन देते हुए इंडिया गठबंधन ने लालकुआं में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शहीद स्मारक से शुरू हुआ जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए आंदोलन स्थल पर पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मशालें लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
मशाल जुलूस निकालने की अनुमति को लेकर दोपहर में पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने बिना अनुमति जुलूस निकालने पर आपत्ति जताई, जबकि आंदोलनकारियों का कहना था कि कार्यक्रम की लिखित सूचना प्रशासन को दी गई है। इसके बावजूद देर शाम आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
आंदोलन स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने, घोड़ानाला के प्रदूषित नाले को भूमिगत करने और गोला नदी में स्थायी तटबंध बनाने सहित नौ सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान और राजस्व गांव की अधिसूचना जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
नौवें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के नौवें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा। इस दौरान प्रगतिशील महिला संगठन की बिंदु गुप्ता, पुष्पा आर्या और आनंदी देवी सहित अन्य महिलाएं अनशन पर बैठीं। महिलाओं की दूसरी टोली के अनशन में शामिल होने से आंदोलन में महिला भागीदारी लगातार बढ़ रही है। आंदोलनकारियों ने मांगों पर ठोस निर्णय लिए जाने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
इन लोगों ने लिया भाग
मशाल जुलूस में पूर्व फौजी कुंदन मेहता, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बथ्याल, हेमवती नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, भुवन जोशी, बीना जोशी, प्रमोद कालोनी, डॉ. कैलाश पांडे, मोहन नयाल, राजेंद्र सिंह खनवाल, मीना कपिल, उर्मिला धामी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलनकारियों ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने समेत सभी नौ सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई की मांग दोहराई।

