पंजाब के मोगा में सत्संग की धूम, संत राजिंदर सिंह जी महाराज ने आत्मिक शांति और प्रभु प्रेम का बताया मार्ग

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

प्रभु की लगन बताती है, हमारा जन्म-मरण उस प्रभु के हाथ में है: संत राजिंदर सिंह

मोगा। सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिंदर सिंह महाराज ने शुक्रवार को पंजाब के मोगा में आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, प्रभु-भक्ति और आत्मिक जागृति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म-मरण प्रभु के हाथ में है और सच्ची भक्ति के माध्यम से ही आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान सकती है।

पंजाब के मोगा में सत्संग की धूम, संत राजिंदर सिंह जी महाराज ने आत्मिक शांति और प्रभु प्रेम का बताया मार्ग पंजाब के मोगा में सत्संग की धूम, संत राजिंदर सिंह जी महाराज ने आत्मिक शांति और प्रभु प्रेम का बताया मार्ग

सत्संग के दौरान संत राजिंदर सिंह महाराज ने मीरा बाई की प्रभु-भक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी लगन ने उन्हें सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर परमात्मा से जुड़ने की प्रेरणा दी। मीरा बाई की भक्ति और प्रभु के प्रति समर्पण का वर्णन करते हुए उन्होंने समझाया कि जब तक मनुष्य अपनी आत्मा को दिव्य प्रकाश का अनुभव नहीं कराता, तब तक उसे वास्तविक शांति प्राप्त नहीं होती।

उन्होंने कहा कि संसार के आकर्षण और भौतिक सुखों में उलझकर मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाता है। प्रभु से मिलने की तड़प ही व्यक्ति को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ाती है। आत्मिक शांति के लिए मनुष्य को अपने भीतर ध्यान लगाकर प्रभु की ज्योति और शब्द का अनुभव करने का प्रयास करना चाहिए।

महाराज जी ने मीरा बाई के जीवन प्रसंग के माध्यम से समझाया कि प्रभु के प्रति सच्ची लगन व्यक्ति के जीवन को बदल सकती है। जब मनुष्य को अपने भीतर परमात्मा की उपस्थिति का अनुभव होने लगता है, तब उसके जीवन में प्रेम, शांति और संतोष का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि प्रभु की प्राप्ति के लिए केवल बाहरी साधनों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। मनुष्य को अपने भीतर झांककर आत्मिक अनुभव प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सच्ची आध्यात्मिकता व्यक्ति को भय, मोह और अहंकार से दूर कर प्रेम एवं सद्भाव का मार्ग दिखाती है।

सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।  कार्यक्रम के बाद जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए निःशुल्क वस्त्र वितरण शिविर भी लगाया गया। इसके साथ ही रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया तथा लोगों को सेवा और मानवता के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया गया।

संत राजिंदर सिंह महाराज ने अपने संदेश के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रभु-स्मरण, ध्यान-अभ्यास और मानव सेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।