अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
हल्द्वानी-ज्योलिकोट मार्ग पर बारूद जैसे हालात! पटाखों से भरे चलते ट्रक में लगी आग, धमाकों के बीच चालक ने कूदकर बचाई जान
हल्द्वानी। नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पटाखों से भरे एक चलते ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और ट्रक में लदे पटाखे तेज आवाज के साथ फूटने लगे। लगातार हो रहे धमाकों से आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि चालक ने खतरे को भांपते हुए ट्रक से उतरकर दूरी बना ली और अपनी जान बचाने में सफल रहा।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह पटाखों से लदा ट्रक हल्द्वानी से ज्योलीकोट की ओर जा रहा था। ज्योलीकोट के समीप पहुंचते ही ट्रक के पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई। शुरुआती दौर में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और ट्रक में रखे पटाखे फूटने लगे। सड़क पर अचानक बने इस खतरनाक हालात ने आसपास से गुजर रहे लोगों और वाहन चालकों को सकते में डाल दिया।
धमाकों के बीच चालक ने दिखाई सूझबूझ
ट्रक में आग लगने के बाद स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। पटाखों में हो रहे विस्फोटों के बीच चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन से दूरी बना ली। उसकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टलने की संभावना बनी। हालांकि, घटना के दौरान सड़क से गुजरने वाले अन्य वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ज्वलनशील सामान के परिवहन पर उठे सवाल
पटाखों जैसे अत्यधिक ज्वलनशील सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। ऐसे में चलते ट्रक में आग लगने की घटना ने परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ट्रक में आग कैसे लगी? क्या पटाखों के परिवहन के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय किए गए थे? क्या वाहन में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों और घटना से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। संबंधित विभागों की जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार चालक ने समय रहते ट्रक से दूरी बनाकर अपनी जान बचा ली।

