अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी हल्द्वानी में गरबा फेस्ट की धूम, गरबा-डांडिया की थाप पर झूमे छात्र-छात्राएं
हल्द्वानी। नवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी परिसर में भव्य गरबा फेस्ट का आयोजन धूमधाम से किया गया। भारतीय संस्कृति, आस्था और पारंपरिक उत्सवों को समर्पित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल की थाप, डांडिया की खनक और पारंपरिक संगीत की मधुर धुनों से पूरा विश्वविद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।
गरबा फेस्ट के दौरान छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर सामूहिक रूप से गरबा और डांडिया किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पारंपरिक धुनों पर थिरकते कदमों और आपसी तालमेल ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पूरे परिसर में उल्लास, उमंग और सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहित करने के साथ विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान करना रहा। सामूहिक भागीदारी ने यह संदेश दिया कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले विद्यार्थियों को एक-दूसरे के करीब लाने और आपसी सौहार्द को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खान-पान के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
गरबा फेस्ट के उत्साह को दोगुना करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के खान-पान और मनोरंजक गतिविधियों से जुड़े स्टॉल भी लगाए गए। विद्यार्थियों ने गरबा और डांडिया का आनंद लेने के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। स्टॉलों पर भी खासा उत्साह देखने को मिला। संगीत, नृत्य, स्वादिष्ट व्यंजनों और दोस्तों के साथ बिताए गए खुशनुमा पलों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
इस सांस्कृतिक उत्सव ने विश्वविद्यालय परिसर में सकारात्मक और जीवंत माहौल का निर्माण किया। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई और नवरात्रि के उल्लास को सभी के साथ साझा करने का अवसर प्रदान किया।
सांस्कृतिक एकता और यादगार पलों के साथ संपन्न हुआ उत्सव
ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी में आयोजित गरबा फेस्ट हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने और अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर दिया। गरबा की धुनों, डांडिया की खनक और सामूहिक उत्सव की खुशी ने सभी के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। यह आयोजन विश्वविद्यालय की जीवंत, सांस्कृतिक और समावेशी परंपरा का सुंदर उदाहरण बना तथा विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव छोड़ गया।

