210 करोड़ के आरोपों से लेकर पति के ऑडियो विवाद तक, अस्पताल से गरजीं मंत्री रेखा आर्य—बोलीं, हर जांच को तैयार:देखें वीडियो

 

 

 

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

210 करोड़ के आरोपों से लेकर पति के ऑडियो विवाद तक, अस्पताल से गरजीं मंत्री रेखा आर्य—बोलीं, हर जांच को तैयार

ऑडियो को लेकर गोल्ज्यू देवता की कसम खाकर बोलीं मंत्री—यह बनावटी नहीं, सच्ची है; तहरीर वापस लेने के लिए दबाव बनाने का भी लगाया आरोप

 

देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। अस्पताल में भर्ती मंत्री रेखा आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे 210 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उन पर शक है तो वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, उन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह झूठे हैं।

मंत्री के इन बयानों के बाद प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का दौर और तेज होने के आसार हैं। एक ओर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर पति-पत्नी के बीच विवाद और वायरल ऑडियो को लेकर भी मामला सुर्खियों में है।

 

‘ऑडियो बनावटी नहीं, सच्ची है’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेखा आर्य ने अपने पति की ओर से ऑडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए जाने की बात कहे जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने गोल्ज्यू देवता की कसम खाकर कहा कि ऑडियो बनावटी नहीं, बल्कि सच्ची है। उनके इस बयान ने विवाद को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी अलग विषय है।

शादी के बाद मिली पहली शादी की जानकारी

रेखा आर्य ने कहा कि उन्हें गिरधारी लाल साहू की पहले से शादी होने की जानकारी विवाह से पहले नहीं थी। उनके अनुसार, शादी के बाद उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली। मंत्री ने बताया कि उस समय पारिवारिक लोगों के समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हो गया था।

उनके इस बयान के बाद पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब यह मामला केवल निजी रिश्तों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है।

तहरीर वापस लेने के लिए दबाव बनाने का आरोप

मंत्री रेखा आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर तहरीर वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, दबाव बनाने के उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और इस संबंध में संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।

जांच की चुनौती से बढ़ा राजनीतिक तापमान

210 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए हर जांच के लिए तैयार होने का मंत्री का बयान अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकता है। वहीं, ऑडियो की सत्यता, कथित दबाव और पारिवारिक विवाद से जुड़े सवालों पर आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर भी निगाहें रहेंगी।

फिलहाल, रेखा आर्य के बयान ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। अब इन आरोपों और दावों की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच तथा संबंधित पक्षों के तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।