अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
SSP अजय गणपति के निर्देश पर नानकमत्ता हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, दो नामजद आरोपी गिरफ्तार; तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद
नानकमत्ता में घर पर पथराव और फायरिंग के बाद 35 वर्षीय सतनाम सिंह की हुई थी हत्या, पांच पुलिस टीमों ने संभाली जांच; शेष आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
नानकमत्ता/ऊधमसिंह नगर। नानकमत्ता कोतवाली क्षेत्र में घर पर पथराव और फायरिंग कर 35 वर्षीय सतनाम सिंह की हत्या के मामले में ऊधमसिंह नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह उर्फ बंटी और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी के रूप में हुई है। पुलिस ने कुलदीप सिंह के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को सोनू सिंह पुत्र चरनजीत सिंह, निवासी ग्राम सिद्धानवदिया, कोतवाली नानकमत्ता ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि कुछ लोग अवैध तमंचों से लैस होकर एकराय होकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने घर पर पथराव और फायरिंग की तथा उनके भाई सतनाम सिंह (35 वर्ष) को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर नानकमत्ता कोतवाली में एफआईआर संख्या 239/26 दर्ज की गई। मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(3)/3(5) के तहत पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक नानकमत्ता स्वयं कर रहे हैं।
SSP अजय गणपति ने संभाली कमान, पांच पुलिस टीमें गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंह नगर अजय गणपति ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके निर्देशन में पुलिस अधीक्षक रुद्रपुर और क्षेत्राधिकारी खटीमा के नेतृत्व में नानकमत्ता कोतवाली के पुलिस बल तथा अन्य इकाइयों को शामिल करते हुए पांच पुलिस टीमें गठित की गईं। टीमों ने वादी के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुरागरसी और पतारसी शुरू की।
पुलिस कार्रवाई के दौरान 19 अक्टूबर 2026 को मटिहा बॉर्डर से दो नामजद आरोपियों कुलदीप सिंह उर्फ बंटी और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, बरामद तमंचे और कारतूस को कब्जे में लेकर आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण और आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ बंटी (28 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय बूढ़ सिंह, निवासी ग्राम सिद्धानवदिया, कोतवाली नानकमत्ता है। उसके विरुद्ध एफआईआर संख्या 59/26 में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 137(2), 64, 115(2), 351(2), 127(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मामला दर्ज होने का उल्लेख पुलिस ने किया है।
दूसरा आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (23 वर्ष) पुत्र दयाल सिंह, निवासी ग्राम नौगजा, कोतवाली नानकमत्ता है। पुलिस के अनुसार, उसके विरुद्ध खटीमा थाने में एफआईआर संख्या 185/26 में बीएनएस की धाराओं 115(2), 191(2), 352, 3(5), 61(2) तथा एफआईआर संख्या 187/26 में धाराओं 109(1), 351(3), 352, 3(5), 61(2) के तहत मामले दर्ज हैं। ये विवरण पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।
छह लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर
इस मामले में सोनू सिंह की तहरीर पर कुल छह लोगों को नामजद किया गया था। इनमें कुलदीप सिंह उर्फ बंटी, लखविंदर सिंह उर्फ लक्की पुत्र बूढ़ सिंह, दोनों निवासी सिद्धानवदिया; हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी नागरा पुत्र दयाल सिंह और कमल सिंह पुत्र दयाल सिंह, निवासी नौगजा; कोमल सिंह पुत्र जसवंत सिंह, निवासी बिडौरा मझोला; तथा रमनदीप कौर पत्नी कुलदीप सिंह उर्फ बंटी, निवासी सिद्धानवदिया शामिल हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष नामजद आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई में नानकमत्ता कोतवाली के एसएचओ शंकर सिंह बिष्ट, उपनिरीक्षक राजेन्द्र पंत, मनोज जोशी, संजय कुमार और नवल किशोर, सितारगंज से उपनिरीक्षक प्रदीप कोहली, खटीमा से उपनिरीक्षक अशोक काण्डपाल, एसओजी ऊधमसिंह नगर की टीम, हेड कांस्टेबल रघुनाथा गोस्वामी तथा कांस्टेबल मो. इमरान, श्याम सिंह थापा और नवीन जोशी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है। शेष नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी, घटना में प्रयुक्त हथियारों की भूमिका और वारदात के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। SSP अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस टीमों की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
उत्तराखंड जागरण | तीसरी आंख

