कुमाऊं में साइबर ठगी का बढ़ता जाल: ऊधम सिंह नगर और नैनीताल बने अपराधियों के निशाने पर, 10.55 करोड़ की चपत

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

कुमाऊं में साइबर ठगी का बढ़ता जाल: ऊधम सिंह नगर और नैनीताल बने अपराधियों के निशाने पर, 10.55 करोड़ की चपत

एक दिन में 43 प्राथमिकी दर्ज, 18 राज्यों तक फैले ठगी के तार; कुमाऊं में 345 गिरफ्तारियां

हल्द्वानी/रुद्रपुर। कुमाऊं मंडल में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उद्योग नगरी ऊधम सिंह नगर और पर्यटन नगरी नैनीताल साइबर अपराधियों के प्रमुख निशाने पर हैं। ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई लूटी जा रही है, जबकि अपराधियों के नेटवर्क के तार देश के कई राज्यों तक फैले हुए हैं। पुलिस के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को उजागर कर रहे हैं।

ऊधम सिंह नगर में वर्ष 2026 में अब तक साइबर अपराध के 335 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। जांच के दौरान ठगी के नेटवर्क के तार आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत देश के 18 राज्यों तक जुड़े मिले हैं। जिले में वर्ष 2023 में छह, 2024 में दो, 2025 में 15 और इस साल अब तक 46 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।

वहीं, नैनीताल जिले में साइबर ठगी से आम जनता को 10 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने की जानकारी सामने आई है। 16 सितंबर 2026 तक राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 2,388 शिकायतें दर्ज हुईं। पुलिस ने इनमें से 2.29 करोड़ रुपये से अधिक की रकम होल्ड कराई, जबकि 11.23 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। यूपीआई से संबंधित 1,898 शिकायतें दर्ज होना डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही और साइबर अपराधियों की सक्रियता को दर्शाता है।

एक दिन में 43 मुकदमों से मचा हड़कंप

नैनीताल जिले में 17 अक्टूबर को एक ही दिन में साइबर ठगी के 43 मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें हल्द्वानी कोतवाली के 15, मुखानी के 10, रामनगर के आठ, मल्लीताल के चार, तल्लीताल और लालकुआं के दो-दो तथा कालाढूंगी और भवाली के एक-एक मामले शामिल हैं। अकेले हल्द्वानी और मुखानी क्षेत्र में 25 मुकदमे दर्ज होना चिंता बढ़ाने वाला है।

साइबर अपराधियों का नेटवर्क दूसरे राज्यों में ठगी करने के बाद हल्द्वानी में भी रकम निकालने के लिए इस्तेमाल होता मिला है। छत्तीसगढ़ में 26.78 लाख रुपये की ठगी के मामले में मुखानी के एटीएम से 60 हजार रुपये निकाले गए। पश्चिम बंगाल में 19.67 लाख रुपये की ठगी के मामले में हल्द्वानी से 20 हजार रुपये और तमिलनाडु में 3.99 लाख रुपये की ठगी के मामले में यहां से 40 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।

कुमाऊं में 12 हजार से अधिक शिकायतें

वर्ष 2025 और 2026 के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, कुमाऊं के छह जिलों में 12,341 साइबर शिकायतें दर्ज हुईं। इस अवधि में करीब 960 प्राथमिकी दर्ज की गईं और 345 गिरफ्तारियां हुईं। शिकायतों के मामले में ऊधम सिंह नगर पहले और नैनीताल दूसरे स्थान पर है। इसके बाद अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर का स्थान है।

पुलिस के अनुसार, किराये पर बैंक खाते उपलब्ध कराना और एटीएम के जरिए संदिग्ध लेनदेन करना साइबर ठगी से जुड़े प्रमुख मामले हैं। ऐसे खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर पहुंचाने में किया जा सकता है।

आईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे के अनुसार, साइबर अपराध के मामलों में पुलिस सख्त है। सभी जिलों को शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि वे ऑनलाइन ठगी से बच सकें।

सावधानी ही बचाव: अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।