अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
रेखा आर्य के पति गिरधारी साहू को हाई कोर्ट से झटका! गिरफ्तारी पर रोक नहीं, दूसरी पीठ करेगी सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़े विवाद में बुधवार को नैनीताल हाई कोर्ट से साहू को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली। गिरफ्तारी पर रोक लगाने और दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने मामले को दूसरी पीठ के समक्ष भेजने का निर्णय लिया। अब मुख्य न्यायाधीश के स्तर से मामले को दूसरी पीठ को आवंटित किया जाएगा।
गिरधारी लाल साहू ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। याचिका में उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है। हालांकि, फिलहाल अदालत से उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है।
शादी, जालसाजी और धमकी के आरोपों से जुड़ा है मामला
मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, रेखा आर्य ने आरोप लगाया है कि साहू ने खुद को अविवाहित बताकर उनसे शादी की, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। इसके अलावा जालसाजी और फर्जी हस्ताक्षर के जरिए उन्हें कई कंपनियों के निदेशक पदों से हटाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत में साहू पर जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक अपशब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
वहीं, साहू ने अपनी याचिका में इन आरोपों को झूठा बताते हुए अपना पक्ष रखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि रेखा आर्य ने मंत्री बनने के बाद कथित तौर पर 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है और इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। साहू का दावा है कि इसी विवाद के बीच उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
अब दूसरी पीठ में होगी सुनवाई
बुधवार को न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में हुई सुनवाई के बाद मामला दूसरी पीठ को भेजे जाने का निर्णय लिया गया। ऐसे में साहू की गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा निरस्त करने की मांग पर फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। अब मामले में आगे की सुनवाई दूसरी पीठ के समक्ष होगी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अदालत में याचिका पर आगे होने वाली सुनवाई और उस पर आने वाला निर्णय अब महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

