अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 मलबे की आड़ में जमीन खोदने के आरोपों से यूसीएफ में हड़कंप, एमडी आनंद शुक्ला ने बैठाई पांच सदस्यीय जांच कमेटी
हल्दूचौड़ सोयाबीन फैक्ट्री परिसर में ध्वस्तीकरण के दौरान गहराई तक खुदाई पर उठे सवाल, एसडीएम रेखा कोहली बोलीं—प्रशासन भी तैयार करेगा रिपोर्ट
लालकुआं। हल्दूचौड़ स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) के सोयाबीन एवं वनस्पति कॉम्प्लेक्स परिसर में भवन ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे की आड़ में जमीन की गहराई तक खुदाई किए जाने के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। लगातार सामने आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूसीएफ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ला ने पांच सदस्यीय विभागीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूसीएफ के प्रबंध निदेशक की ओर से गठित जांच कमेटी में सोयाबीन फैक्ट्री के परियोजना अधिकारी त्रिलोचन पाठक को अध्यक्ष बनाया गया है। जिला प्रबंधक नैनीताल प्रेमा हर्बोला, सहायक अभियंता शुभम बिष्ट, अवर अभियंता मानवेंद्र सिंह तथा अकाउंटेंट दीपक तिवारी को कमेटी का सदस्य बनाया गया है।
ध्वस्तीकरण से लेकर खुदाई तक होगी जांच
यूसीएफ प्रबंधन ने जांच कमेटी को ध्वस्तीकरण स्थल पर सामने आई शिकायतों की गंभीरता से पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं। टीम मौके की वास्तविक स्थिति, भवन ध्वस्तीकरण में अपनाई गई प्रक्रिया, निकलने वाले मलबे और जमीन की गहराई तक की गई कथित खुदाई समेत पूरे मामले की जांच करेगी। कमेटी को विस्तृत विभागीय रिपोर्ट अविलंब प्रेषित करने को कहा गया है।
जांच कमेटी गठित होने के बाद अब यह मामला महज स्थानीय शिकायतों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यूसीएफ के विभागीय स्तर पर भी इसकी जांच शुरू हो गई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
प्रशासन भी रख रहा नजर
मामले को लेकर उप जिलाधिकारी लालकुआं रेखा कोहली ने भी गंभीरता दिखाई है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन फैक्ट्री प्रकरण में यूसीएफ की विभागीय जांच कमेटी गठित हो चुकी है और प्रशासन की नजर भी पूरे मामले पर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से भी मामले की रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। विभागीय जांच पूरी होने के बाद कमेटी की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया जाएगा।
शिकायतों के बाद बढ़ा दबाव
गौरतलब है कि सोयाबीन फैक्ट्री परिसर में भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे की आड़ में जमीन की गहराई तक खुदाई किए जाने को लेकर क्षेत्रवासियों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। शिकायतकर्ताओं ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया और उसके दौरान हुई कथित खुदाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
अब यूसीएफ प्रबंधन द्वारा जांच कमेटी गठित किए जाने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि ध्वस्तीकरण के दौरान मौके पर वास्तव में क्या-क्या कार्य हुए, कितनी खुदाई हुई और यदि जमीन की गहराई तक खुदाई की गई तो उसका उद्देश्य क्या था।
फिलहाल पांच सदस्यीय जांच कमेटी के गठन के बाद सोयाबीन फैक्ट्री परिसर का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

