गौला के कटाव से दहशत, हरिश्चंद्र दुर्गापाल की मौजूदगी में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; विधायक आवास घेराव की चेतावनी

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 गौला के कटाव से दहशत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; विधायक आवास घेराव की चेतावनी
वन अधिकार संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, स्थायी सुरक्षा दीवार और प्रभावित परिवारों को मुआवजे की मांग
लालकुआं। लगातार बारिश के चलते गौला नदी में तेज भू-कटाव ने इंदिरा नगर प्रथम-द्वितीय, गब्दा, रावत नगर और खुरियाखत्ता क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के तेज बहाव में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि समाने के साथ ही दर्जनों मकान भी कटाव की जद में आ गए हैं। नदी किनारे कई दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच सोमवार को वन अधिकार संगठन के पदाधिकारी पहुंचे और प्रशासन को मौके पर बुलाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में गौला नदी के तट पर तत्काल स्थायी सुरक्षा दीवार का निर्माण, इंदिरानगर और चोरगलिया क्षेत्र में चुगान कार्य कराने तथा भू-कटाव से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों के सामने घर और जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है।


वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत ग्रामीणों के दावों को स्वीकृति मिलने के बावजूद उन्हें स्थायी रूप से बसाने और सरकारी योजनाओं का लाभ देने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि हाथी कॉरिडोर से प्रभावित क्षेत्रों में चुगान नहीं होने के कारण नदी के बीच में सिल्ट और मलबा जमा हो गया है। इससे नदी का स्तर ऊंचा होकर पानी तटों की ओर दबाव बना रहा है और भू-कटाव तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केवल अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी सुरक्षा दीवार और तट संरक्षण का काम तत्काल शुरू करना चाहिए। साथ ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देकर उनके पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था की जानी चाहिए।
धरना स्थल पर ग्रामीणों में स्थानीय विधायक के प्रति भी भारी आक्रोश दिखाई दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर विधायक आवास का घेराव करने की चेतावनी दी।


मौके पर पहुंचीं उप जिलाधिकारी रेखा कोहली ने ग्रामीणों से वार्ता की और मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने तट से सटे प्रभावित परिवारों को तत्काल रहने, भोजन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत बिष्ट, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी, प्रकाश उत्तराखण्डी, मीना मेहता, दीपक रौतेला, जेसी उप्रेती, भवान सिंह कठायत, कुंदन कोरंगा, केदार कोरंगा, माधो सिंह अरमोली, धन सिंह गड़िया, सुंदर सिंह, वीरेंद्र कार्की, दीपक पाठक, गंगा देवी, लीला देवी, रेखा कार्की सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से एसडीएम रेखा कोहली, तहसीलदार ईश्वर सिंह भीमा, लालकुआं कोतवाल समेत पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।