बिंदुखत्ता लालकुआं भारी बारिश में भी नहीं थमेगा बिंदुखत्ता का आंदोलन, राजस्व गांव की मांग को लेकर काररोड़ से तहसील तक निकलेगी महारैली

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉

भारी बारिश में भी नहीं थमा बिंदुखत्ता का आंदोलन, राजस्व गांव की मांग को लेकर काररोड़ से तहसील तक निकलेगी महारैली

हजारों ग्रामीणों के जुटने का दावा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन; पुलिस प्रशासन मुस्तैद, शहर में भारी पुलिसबल तैनात

लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर आज रविवार को बड़ा जनआंदोलन होने जा रहा है। बिंदुखत्ता वन अधिकार संगठन के बैनर तले काररोड़ जड़ सेक्टर से लालकुआं तहसील परिसर तक महारैली निकाली जाएगी। आंदोलन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। महारैली को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है और संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों से पहुंचने का आह्वान किया है।

भारी बरसात के बावजूद ग्रामीणों का प्रदर्शन स्थल की ओर पहुंचना जारी है। मौसम की चुनौती के बीच राजस्व गांव की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है। संगठन का कहना है कि बिंदुखत्ता के ग्रामीण लंबे समय से अपने क्षेत्र को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर पूर्व में भी पदयात्राओं, ज्ञापन और विभिन्न स्तरों पर आंदोलन किए जा चुके हैं।

महारैली के दौरान ग्रामीण काररोड़ जड़ सेक्टर से पैदल तहसील परिसर तक पहुंचेंगे। यहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग उठाई जाएगी। संगठन के पदाधिकारियों और ग्रामीणों की ओर से सरकार से मांग की जाएगी कि वर्षों से लंबित इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लिया जाए।

पुलिस प्रशासन अलर्ट, शहर में भारी पुलिसबल तैनात

महारैली को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। शहर में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। रैली के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन स्थल और रैली मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

बिंदुखत्ता वन अधिकार संगठन के नेतृत्व में होने वाली यह महारैली क्षेत्र के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही राजस्व गांव की मांग को एक बार फिर प्रमुखता से सामने लाएगी। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के नाम सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर सरकार की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।