अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
वन विभाग की टीम पर लकड़ी तस्करों का खूनी हमला, धारदार हथियारों से दरोगा का सिर फोड़ा; लाखों की लकड़ी बरामद, आरोपी फरार
बाजपुर में आधी रात गोदाम पर छापेमारी के दौरान हमला, रुद्रपुर-बाजपुर वन विभाग की संयुक्त टीम में मची अफरा-तफरी
बाजपुर। अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाजपुर की पहाड़ी कॉलोनी में एक गोदाम पर छापेमारी के दौरान गोदाम संचालक और उसके साथियों पर वन कर्मियों से अभद्रता करने तथा धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप है। हमले में रुद्रपुर रेंज के वन दरोगा सुरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में चोटें आई हैं। घायल दरोगा को बाजपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि वन विभाग की टीम ने गोदाम से भारी मात्रा में सागौन और खैर की लकड़ी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर रेंजर लक्ष्मण सिंह बिष्ट को सूचना मिली थी कि बाजपुर नगर के मोहल्ला पहाड़ी कॉलोनी स्थित एक गोदाम में अवैध रूप से सागौन और खैर की लकड़ी का भंडारण किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बुधवार देर रात करीब 12 बजे रुद्रपुर और बाजपुर वन विभाग की संयुक्त टीम ने गोदाम पर छापा मारा। वन विभाग के वाहनों को देखकर गोदाम में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए।
छापेमारी का विरोध, फिर धारदार हथियारों से हमला
आरोप है कि कार्रवाई के दौरान गोदाम संचालक और उसके साथियों ने वन कर्मियों के साथ अभद्रता शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियारों से टीम पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में वन दरोगा सुरेंद्र सिंह घायल हो गए। उनके सिर और हाथ में चोटें आने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टीम के अन्य सदस्यों ने किसी तरह उन्हें बचाया और उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस पहुंची तो अंधेरे में भाग निकले आरोपी
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गोदाम की जांच की, जहां से भारी मात्रा में सागौन और खैर की लकड़ी बरामद हुई। बरामद लकड़ी की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। विभाग ने लकड़ी को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय भिजवा दिया है।
लंबे समय से तस्करी की आशंका, आरोपियों की तलाश
रेंजर लक्ष्मण सिंह बिष्ट के अनुसार, संबंधित गोदाम का इस्तेमाल लंबे समय से अवैध लकड़ी तस्करी के लिए किए जाने की सूचना थी। विभाग अब आरोपियों की पहचान करने में जुटा है। उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस को तहरीर देकर वन अधिनियम के साथ सरकारी कार्य में बाधा डालने और वन कर्मियों पर हमले के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग की टीम पर छापेमारी के दौरान हुए इस हमले ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में सामने आ रही चुनौतियों को उजागर किया है। अब देखना होगा कि पुलिस और वन विभाग फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाते हैं।

