दलेर मेहंदी को मंच पर घेरा, विरोध के बाद नरम पड़े मंत्री सुबोध उनियाल के तेवर! बोले—‘मुझे लगा था नशे में हैं’

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

दलेर मेहंदी को मंच पर घेरा, विरोध के बाद नरम पड़े मंत्री सुबोध उनियाल के तेवर! बोले—‘मुझे लगा था नशे में हैं’

देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के बीच मंच पर हुआ विवाद अब राजनीतिक और फिल्मी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या में गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने जिस अंदाज में सार्वजनिक मंच पर सवाल उठाए, उस पर विवाद गहराने के बाद अब उन्हें सफाई देनी पड़ रही है। बॉलीवुड की हस्तियों के दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरने के बीच मंत्री ने कहा कि उन्हें लगा था कि गायक नशे में हैं, लेकिन बाद में उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिली।

मंच पर नाराजगी से शुरू हुआ विवाद

मामला टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या का है। 18 अक्टूबर को दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए। उन्होंने गायक के बोलने के तरीके और प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। मंत्री का आरोप था कि गायक ठीक से बोल नहीं पा रहे थे और लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक कर रहे थे। उन्होंने कलाकार को करीब 35 लाख रुपये दिए जाने का भी जिक्र किया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया। कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। विवाद बढ़ा तो फिल्मी दुनिया की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में आवाज उठाई।

‘मुझे लगा था नशे में हैं’, बाद में खराब सेहत की मिली जानकारी

मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई में कहा कि उनका मकसद किसी कलाकार या संगीत का अपमान करना नहीं था। उनके अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और आयोजकों ने प्रस्तुति के लिए काफी खर्च किया था। करीब 45 मिनट तक अपेक्षित प्रस्तुति नहीं मिलने पर उन्होंने जनप्रतिनिधि के तौर पर हस्तक्षेप किया।

मंत्री ने कहा कि उस समय उन्हें लगा था कि दलेर मेहंदी नशे में हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी तबीयत खराब थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गायक की सेहत ठीक नहीं थी तो आयोजकों को पहले इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी या उन्हें कार्यक्रम में आने से बचना चाहिए था।

अनुपम खेर और राजपाल यादव ने उठाई आवाज

विवाद के बाद अभिनेता अनुपम खेर और राजपाल यादव समेत कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए। अनुपम खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को करीब 25 से 30 वर्षों से जानते हैं और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ इस तरह बात किए जाने से उन्हें दुख हुआ।

वहीं, दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने भी शराब पीने के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उनके भाई हाल ही में बड़ी सर्जरी से गुजरे हैं और उनकी खराब सेहत का असर प्रस्तुति पर पड़ा हो सकता है।

कलाकार के सम्मान और आयोजकों की जवाबदेही पर बहस

इस पूरे घटनाक्रम ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी कलाकार की प्रस्तुति उम्मीद के मुताबिक नहीं थी, तो क्या सार्वजनिक मंच पर इस तरह नाराजगी जताना उचित था? दूसरी ओर, यदि कलाकार की तबीयत खराब थी तो क्या आयोजकों को इसकी जानकारी पहले नहीं होनी चाहिए थी?

फिलहाल, मंत्री की सफाई के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ कार्यक्रम की गुणवत्ता और आयोजकों के खर्च को लेकर सवाल हैं, तो दूसरी तरफ कलाकार के सम्मान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को समझे बिना सार्वजनिक टिप्पणी किए जाने पर बहस जारी है।