अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 रुद्रपुर 👉
रोडवेज के राजस्व को रौंद रहीं ट्रैवल कंपनियों की बसें, ऑल इंडिया परमिट की आड़ में खुलेआम नियमों की अनदेखी!
जगह-जगह से सवारी उठाने से परिवहन निगम को 30-35 करोड़ रुपये सालाना नुकसान का अनुमान, 100 से ज्यादा गाड़ियां शहर से रोजाना भर रहीं सवारियां
हल्द्वानी।
कुमाऊं क्षेत्र में निजी ट्रैवल कंपनियों की बसों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि ऑल इंडिया परमिट की आड़ में कई बसें नियमों की अनदेखी करते हुए जगह-जगह से सवारियां भर रही हैं, जिससे उत्तराखंड परिवहन निगम की आय पर सीधा असर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार हल्द्वानी क्षेत्र में बड़ी संख्या में निजी बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से कई बसें निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क किनारे और अन्य जगहों से यात्रियों को बैठाती नजर आती हैं। इससे रोडवेज की नियमित बसों में यात्रियों की संख्या प्रभावित हो रही है।
परिवहन निगम से जुड़े लोगों का कहना है कि निजी बसों के इस तरह संचालन से निगम को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अनुमान के मुताबिक यह नुकसान करीब 30 से 35 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
दिल्ली रूट पर भी असर
दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए संचालित निजी बसों के कारण रोडवेज की आय प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि कुछ बस संचालक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए निर्धारित नियमों से हटकर संचालन कर रहे हैं।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
मामले में परिवहन विभाग और रोडवेज प्रबंधन से प्रभावी कार्रवाई की मांग उठ रही है। सवाल यह है कि यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो विभागीय स्तर पर नियमित जांच और कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
अब देखना होगा कि परिवहन विभाग इन आरोपों पर कितना सख्त कदम उठाता है और नियम तोड़ने वाले वाहन संचालकों पर क्या कार्रवाई होती है।
