क्लासरूम में ‘भूत’ की अफवाह से मचा हड़कंप, चीखने लगी छात्रा तो रोते-बिलखते घर भागीं छात्राएं

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉

क्लासरूम में ‘भूत’ की अफवाह से मचा हड़कंप, चीखने लगी छात्रा तो रोते-बिलखते घर भागीं छात्राएं

यूनिट टेस्ट के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ी, देखते ही देखते स्कूल में फैली ‘साया’ होने की अफवाह; परीक्षा रद्द कर छात्राओं को भेजा गया घर

हल्द्वानी। नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र के ललित आर्य कन्या इंटर कॉलेज में यूनिट टेस्ट के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कक्षा 10 की एक छात्रा अचानक असहज होकर चीखने-चिल्लाने लगी। छात्रा के इस व्यवहार को देखकर आसपास बैठी अन्य छात्राएं भी घबरा गईं। कुछ ही देर में स्कूल परिसर में छात्रा पर ‘भूत या साया’ आने की अफवाह फैल गई।

अफवाह फैलते ही कई छात्राएं डर के कारण रोने लगीं और कक्षाओं से बाहर निकलकर इधर-उधर भागने लगीं। स्थिति बिगड़ती देख विद्यालय प्रशासन ने तत्काल परीक्षा रोक दी और छात्राओं को उनके घर भेज दिया।

पड़ताल में सामने आई अलग वजह

विद्यालय प्रशासन और प्रधानाचार्य के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थिति को समझने का प्रयास किया गया। बताया गया कि प्रभावित छात्रा स्कूल आने से पहले रातभर अपने घर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुई थी। इससे उसकी नींद पूरी नहीं हुई थी और वह पहले से ही अस्वस्थ महसूस कर रही थी। परीक्षा के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद वह घबरा गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी।

इसके बाद छात्रा के व्यवहार को देखकर अन्य छात्राओं में भी डर फैल गया और देखते ही देखते ‘भूत’ या ‘साया’ होने की चर्चा पूरे विद्यालय में फैल गई।

डर का असर दूसरी छात्राओं पर भी

विशेषज्ञों के अनुसार, बंद या तनावपूर्ण वातावरण में किसी एक व्यक्ति के अत्यधिक डर या घबराहट में आने के बाद आसपास मौजूद अन्य लोगों में भी भय और बेचैनी फैल सकती है। ऐसी स्थिति में चक्कर आना, रोना, घबराहट और चीखने जैसी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। इसे कई मामलों में मास एंग्जायटी या मास साइकोजेनिक रिस्पॉन्स के रूप में समझा जाता है।

अभिभावकों को समझाई गई स्थिति

घटना के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षकों ने अभिभावकों से बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की। उन्हें बताया गया कि घटना को किसी अलौकिक या भूतिया गतिविधि से जोड़ने के बजाय छात्रा की तबीयत और उसके बाद फैली अफवाह के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। समझाइश के बाद विद्यालय का माहौल सामान्य हुआ।

घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि स्कूल जैसे संवेदनशील परिसर में एक छोटी-सी अफवाह कितनी तेजी से बच्चों के बीच डर और दहशत का माहौल पैदा कर सकती है।