साइबर ठगी की रफ्तार बेलगाम, रिफंड पर धीमी चाल! 8 माह में 10.55 करोड़ की चपत, 2388 शिकायतें दर्ज

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 साइबर ठगी की रफ्तार बेलगाम, रिफंड पर धीमी चाल! 8 माह में 10.55 करोड़ की चपत, 2388 शिकायतें दर्ज
हल्द्वानी। डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। जिले में इस साल 16 सितंबर तक नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर साइबर धोखाधड़ी की 2388 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इन मामलों में पीड़ितों से कुल 10 करोड़ 55 लाख 90 हजार 814 रुपये की ठगी हुई। पुलिस की कार्रवाई में 2 करोड़ 29 लाख 31 हजार 147 रुपये होल्ड कराए गए हैं, जबकि अब तक 11 लाख 23 हजार 179 रुपये पीड़ितों को वापस कराए जा चुके हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो साइबर ठगी में यूपीआई सबसे बड़ा माध्यम बनकर सामने आया है। जिले में यूपीआई से जुड़ी 1898 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इसके बाद डेबिट-क्रेडिट कार्ड से 167, फ्रॉड कॉल से 146 और इंटरनेट बैंकिंग से 105 शिकायतें सामने आईं।
इसके अलावा ई-वॉलेट से 34, डिमैट-डिपॉजिटरी से 26 और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) से 12 साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ साइबर अपराधियों ने ठगी के नए रास्ते भी तलाश लिए हैं।
10.55 करोड़ की ठगी, लौटे सिर्फ 11.23 लाख
सबसे बड़ा अंतर ठगी की रकम और वापस कराई गई राशि के आंकड़ों में दिखाई देता है। अब तक सामने आई 10.55 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मुकाबले पीड़ितों को 11.23 लाख रुपये वापस कराए जा चुके हैं। वहीं करीब 2.18 करोड़ रुपये की धनराशि रिफंड प्रक्रिया में बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक खातों और लेनदेन पर कार्रवाई कर रकम को होल्ड कराने का प्रयास किया जाता है। जीआरएम पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बैंक में होल्ड रकम को पीड़ितों के खातों में वापस कराने के लिए संस्तुति की जा चुकी है।
एसपी सिटी एवं साइबर सेल प्रभारी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि बैंक में होल्ड कराई गई धनराशि को पीड़ितों के खातों में वापस कराने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पीड़ितों को उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
उत्तराखंड जागरण लोगों से अपील करता है कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।