अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
आईजी निवेदिता कुकरेती का बड़ा संदेश: “देवभूमि का सुरक्षा कवच” बनेगा साइबर अपराध, नशे और महिला अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत अभियान
हल्द्वानी। कुमाऊँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती (आईपीएस) ने शुक्रवार को हल्द्वानी कोतवाली सभागार में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान आमजन को साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशामुक्त उत्तराखंड के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि सुरक्षित समाज के निर्माण में पुलिस और जनता की साझेदारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपराध और नशे के खिलाफ खुलकर पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में आईजी निवेदिता कुकरेती ने “देवभूमि का सुरक्षा कवच” अभियान के तहत नागरिकों को बदलते अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत आईजी ने कोतवाली परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी लेकर की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। कार्यक्रम का संचालन एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और एसपी संचार रेवाधर मठपाल ने किया।
आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि आज साइबर अपराध तेजी से बदल रहे हैं। ऑनलाइन वित्तीय ठगी, एआई आधारित साइबर अपराध, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट और म्यूल अकाउंट जैसे मामलों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल तथा मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से शिकायत दर्ज कर धनराशि फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर उन्होंने जीरो एफआईआर, महिला हेल्पलाइन-181, महिला चीता पुलिस, वन स्टॉप सेंटर (सखी), SOS और लाइव लोकेशन सुविधा, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, मिशन वात्सल्य और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ितों को तत्काल मदद उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है।
सड़क सुरक्षा पर उन्होंने गोल्डन ऑवर, राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना, एएनपीआर कैमरे, ई-चालान प्रणाली, ब्लैक स्पॉट सुधार और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत ऑपरेशन प्रहार, नशा तस्करों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति और अवैध संपत्तियों की जब्ती जैसी कार्रवाई की जानकारी देते हुए नागरिकों से 1800-137-7001 (डायल अगेंस्ट ड्रग्स) और MANAS पोर्टल के माध्यम से गोपनीय सूचना देने की अपील की।
जनसंवाद कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, व्यापार मंडल, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय लोगों ने पुलिस के समक्ष अपने सुझाव और समस्याएं रखीं। आईजी निवेदिता कुकरेती ने सभी की बात गंभीरता से सुनते हुए समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण से जुड़े विषयों पर विशेष रुचि दिखाई।
इस अवसर पर एसपी संचार रेवाधर मठपाल, क्षेत्राधिकारी विमल प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता, जसवीर सिंह चौहान, दिनेश फर्त्याल, सुशील जोशी, भूपेंद्र पांडे, रमेश सिंह नेगी सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

