हल्द्वानी डकैती कांड में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार और नकाबपोश गिरफ्तार

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
हल्द्वानी डकैती कांड में एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार और नकाबपोश गिरफ्तार
हथियारों के बल पर आठ लाख की डकैती में पुलिस का बड़ा एक्शन—चार तमंचे, सात कारतूस, लूटी रकम और क्रेटा-स्कॉर्पियो बरामद
हल्द्वानी। गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित करीब 50 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और सुरागरसी के आधार पर आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस, 18 हजार रुपये की नकदी तथा वारदात में प्रयुक्त क्रेटा और स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए हैं।


19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि गोरापड़ाव क्षेत्र में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। मामले में वादी नारायण दास पुत्र रोशन लाल, निवासी अंबा बिहार, तीनपानी, हल्द्वानी की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा अपराध संख्या 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के तहत 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
बताया गया कि बदमाशों ने गोरापड़ाव में वादी के कार्यालय/गैराज में घुसकर करीब आठ लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन तथा तीन सोने की चेन और अंगूठियां लूट ली थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल करीब 50 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी समेत थाना पुलिस, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञ शामिल किए गए।
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों से आरोपियों की पहचान की। इससे पहले वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को 21 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अब पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। यश सिडाना को 23 अगस्त को हल्द्वानी से, जबकि अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को 22 अगस्त को डीएनडी फ्लाईओवर, जैतपुर मोड़, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वहीं अफजल मलिक को 23 अगस्त को किच्छा से दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में यश सिडाना (24), निवासी किच्छा; अमनदीप सिंह (21), निवासी जैतपुर गांव, नई दिल्ली; शिवराज सिंह (21), निवासी अमरिया, पीलीभीत; और अफजल मलिक (21), निवासी बक्सपुर, अमरिया, पीलीभीत शामिल हैं।
पुलिस ने यश सिडाना के कब्जे से क्रेटा कार यूके-06 बीई-9091 और 315 बोर का तमंचा व दो कारतूस, अमनदीप सिंह से स्कॉर्पियो डीएल-1सीए-1984, 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस, शिवराज सिंह से 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस, जबकि अफजल मलिक से 18 हजार रुपये नकद, 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। यश सिडाना का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास सामने आया है, जबकि अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।


डकैती कांड के खुलासे में पुलिस टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 2500 रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।
नैनीताल पुलिस की इस कार्रवाई से डकैती में शामिल अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसने की उम्मीद है और पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

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