अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
245.73 लाख मंजूर, लेकिन पहले सड़क की ‘बीमारी’ का इलाज! भीमताल-नौकुचियाताल मार्ग पर पूरन बृजवासी ने उठाए बड़े सवाल
डामरीकरण से पहले ड्रेनेज, फुटपाथ, मलबा नियंत्रण और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग; बोले- “पहले समस्या खत्म करें, फिर सड़क बनाएं”
भीमताल। पर्यटन नगरी भीमताल से नौकुचियाताल को जोड़ने वाली करीब छह किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से बदहाली का दंश झेल रही है। बरसात के मौसम में सड़क जगह-जगह तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे डामर उखड़ जाता है और राहगीरों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पैदल चलना तक जोखिम भरा हो गया है।

लंबे संघर्ष के बाद अब इस सड़क के कायाकल्प के लिए शासन ने 245.73 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को आगाह करते हुए कहा है कि केवल डामरीकरण से समस्या का समाधान नहीं होगा। पहले सड़क की मूलभूत खामियों को दूर करना जरूरी है, तभी यह निर्माण लंबे समय तक टिकाऊ साबित होगा।
पूरन बृजवासी ने मांग की कि पूरी सड़क पर सबसे पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। छह किलोमीटर मार्ग की नालियों को खोलकर पक्का बनाया जाए ताकि बरसाती पानी सड़क पर जमा न हो। इसके साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क के दोनों ओर इंटरलॉक टाइल्स से पक्के फुटपाथ बनाए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर पहाड़ी से लगातार मलबा सड़क पर आता है, वहां स्थायी उपचार किया जाए, ताकि हर बरसात में सड़क बाधित न हो। साथ ही निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या खानापूर्ति से बचते हुए उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जाए और स्वीकृत 245.73 लाख रुपये की धनराशि का पारदर्शिता के साथ उपयोग हो।
पूरन बृजवासी ने कहा, “पीडब्ल्यूडी पहले सड़क की बीमारी ठीक करे, फिर डामरीकरण करे। यदि जल निकासी और अन्य मूल समस्याएं नहीं सुधारी गईं तो यह धनराशि भी पहले की तरह पानी में बह जाएगी।”
उन्होंने कहा कि भीमताल और नौकुचियाताल उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इस महत्वपूर्ण सड़क की बदहाल हालत प्रदेश की पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए।
