अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉 रुद्रपुर त्रिशूल चौक पर भड़काऊ भाषण मामले में उलेमा को झटका, कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था भाषण, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किया था गिरफ्तार; दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
रुद्रपुर। रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर कथित तौर पर भड़काऊ और विवादित बयान देने के मामले में गिरफ्तार उलेमा को अदालत से राहत नहीं मिली है। मामले में दाखिल की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया।
बताया गया कि त्रिशूल चौक पर उलेमा की ओर से दिया गया भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में कथित तौर पर भड़काऊ और विवादित बयान दिए जाने का आरोप लगाया गया। मामले ने तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
भाषण को लेकर दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार, त्रिशूल चौक पर दिए गए भाषण को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोपी पर ऐसे बयान देने का आरोप है, जिनसे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी की ओर से न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और आरोपी के कथित बयान से सामाजिक सौहार्द पर पड़ने वाले प्रभाव को अदालत के समक्ष रखा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला
सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने प्रस्तुत तथ्यों और तर्कों को सुनने के बाद आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अदालत की ओर से सामाजिक सौहार्द भंग होने की आशंका को जमानत न देने के प्रमुख कारणों में माना गया। मामले में अब आरोपी को फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।
भड़काऊ बयान पर सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस-प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे बयान, जिनसे कानून-व्यवस्था या सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका हो, उन्हें गंभीरता से लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और बयानों पर भी पुलिस की निगरानी बनी हुई है।
फिलहाल अदालत द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

