बिंदुखत्ता को राजस्व गांव मुद्दे को लेकर उत्तराखंड जागरण संपादक अजय अनेजा से बातचीत देखें इंटरव्यू :अधिवक्ता डॉ. प्रदीप लोहनी

ख़बर शेयर करें

अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिंदुखत्ता 👉बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी: अधिवक्ता डॉ. प्रदीप लोहनी

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. प्रदीप लोहनी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता क्षेत्र के हजारों नागरिक दशकों से मूलभूत अधिकारों से वंचित है
उत्तराखंड जागरण तीसरी आंख के संपादक अजय अनेजा को दिए विशेष इंटरव्यू में डॉ. लोहनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बिंदुखत्ता का मामला सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों और संवैधानिक न्याय का है।”
उन्होंने कहा कि राजस्व गांव का दर्जा न होने के कारण यहां के लोगों को न तो जमीन के पूरे अधिकार मिल पा रहे हैं और न ही सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
डॉ. लोहनी ने यह भी कहा कि बिंदुखत्ता का इतिहास, जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति सभी मानकों पर इसे राजस्व गांव घोषित करने योग्य बनाते हैं।

 

error: Content is protected !!