अजय अनेजा 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को वन विभाग अलर्ट, गश्त से लेकर जागरूकता तक तेज़ पहल
हल्द्वानी।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। उत्तराखंड जागरण से खास बातचीत में हल्द्वानी के उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) अनिल जोशी ने बताया कि वन विभाग द्वारा संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, गश्त और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
एसडीओ अनिल जोशी ने कहा कि तराई और शहरी सीमा से सटे क्षेत्रों में जंगली हाथी, गुलदार व अन्य वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए संवेदनशील इलाकों को हॉट-स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में वन कर्मियों की नियमित गश्त, रात्री निगरानी और त्वरित रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय रखा गया है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पिंजरे, ट्रैप कैमरे, सायरन सिस्टम और आवश्यकतानुसार रेस्क्यू ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। साथ ही, किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर विभाग तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करता है।
एसडीओ जोशी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वन्यजीवों को छेड़ने या उनका पीछा करने से बचें, जंगल से सटे क्षेत्रों में रात के समय सतर्कता बरतें और किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि जन-सहयोग से ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
वन विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग वन्यजीवों के व्यवहार को समझें और सुरक्षित उपाय अपनाएं।







