अजय अनेजा पत्रकार 👉 संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
धाकड़ धामी के फैसले से खुला VIP एंगल, अंकिता भंडारी हत्याकांड में CBI ने दर्ज किया अज्ञात VIP पर मुकदमा
देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब जांच निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। लंबे समय से चर्चित रहे कथित VIP एंगल पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने औपचारिक कदम उठाते हुए दिल्ली में अज्ञात VIP के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही इस बहुचर्चित हत्याकांड में पहली बार VIP भूमिका की आधिकारिक जांच शुरू हो गई है।
FIR दर्ज होने के तुरंत बाद CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा–2) की एक टीम सोमवार को उत्तराखंड पहुंची। सूत्रों के मुताबिक टीम स्थानीय पुलिस और SIT द्वारा अब तक एकत्र किए गए सभी दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयानों की नए सिरे से गहन समीक्षा करेगी। पहले से दर्ज बयानों को भी क्रॉस वेरिफिकेशन के दायरे में लिया गया है।
पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से जुड़े कथित वायरल ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। ऑडियो में उठे सवालों के चलते हत्याकांड में एक प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई, जिसके बाद CBI जांच की मांग जोर पकड़ने लगी।
सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ा सियासी दबाव
भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा जारी सोशल मीडिया वीडियो ने विवाद को और हवा दी। वीडियो में उन्होंने हत्याकांड में कथित VIP का उल्लेख करते हुए दावा किया कि एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास मामले से जुड़ी अहम जानकारी है। इसके बाद राज्यभर में धरना-प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई।
मुख्यमंत्री धामी की सिफारिश, CBI ने संभाली कमान
जनदबाव और पारदर्शिता की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी को अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब CBI ने औपचारिक रूप से केस अपने हाथ में ले लिया है।
धाकड़ धामी के इस फैसले को न्याय की दिशा में बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है, जिससे पीड़िता के परिवार और आम जनता को निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है।







