देखीए धामी जी लाखों ग्रामीणों को प्रदूषण के रूप में मौत बांटता बिंदुखत्ता स्थित बहुचर्चित हल्द्वानी स्टोन क्रेशर जिला प्रशासन सोया गहरी नींद अधिकारी मस्त जनता त्रस्त

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अजय अनेजा पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉🛑
जल्द धामी सरकार तक पहुंचेगा मामला, स्व. रामबाबू मिश्रा से जुड़ा स्टोन क्रेशर बना प्रदूषण का अड्डा — “कब होगी कार्रवाई?” पूछ रही जनता, जिला प्रशासन कटघरे में
📍 लालकुआं / बिंदुखत्ता
बिंदुखत्ता क्षेत्र में स्थित बहुचर्चित स्टोन क्रेशर, जिसे कांग्रेसी नेता व पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रामबाबू मिश्रा से जुड़ा बताया जा रहा है, इन दिनों बड़े विवाद का कारण बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह क्रेशर पूरे क्षेत्र में ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण का मुख्य केंद्र बन चुका है, जिससे हजारों लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, क्रेशर से निकलने वाला गंदा पानी नाले के रूप में बह रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। इसके चलते संक्रामक और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है और कई लोग स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
सबसे गंभीर सवाल जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की सूचना जिला अधिकारी नैनीताल को दी थी, जिस पर कार्रवाई का आश्वासन भी मिला। लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा, जिससे प्रशासन की लापरवाही उजागर हो रही है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभावशाली रसूख और कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते इस स्टोन क्रेशर के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बड़ी आबादी के बीच संचालित हो रहा यह क्रेशर लगातार प्रदूषण फैला रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
अब ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यह मामला बहुत जल्द धामी सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा, ताकि उच्च स्तर पर हस्तक्षेप हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तय हो सके। लोगों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होगी, तो वे सीधे सरकार और उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे।
क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश के बीच ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस स्टोन क्रेशर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
👉 अब सबसे बड़ा सवाल यही है — आखिर कब होगी कार्रवाई और कब मिलेगी बिंदुखत्ता की जनता को इस प्रदूषण से राहत?

 

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