अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉 🛑 “जहर उगलता स्टोन क्रेशर!”
बिंदुखत्ता में बच्चों की पुकार—ध्वनि, वायु और जल प्रदूषण से त्रस्त जनता ने प्रशासन से मांगी सख्त कार्रवाई
लालकुआं/बिंदुखत्ता।
लालकुआं के बिंदुखत्ता क्षेत्र में स्थित बहुचर्चित हल्द्वानी स्टोन क्रेशर एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। स्थानीय लोगों, खासकर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने इस क्रेशर से फैल रहे ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण को लेकर खुलकर विरोध जताया है। बिंदुखत्ता बेरोजगार संगठन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी दीपक जोशी के नेतृत्व में बच्चों और क्षेत्रवासियों ने कैमरे के माध्यम से अपनी पीड़ा साझा करते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्टोन क्रेशर से दिन-रात उठने वाली धूल ने पूरे इलाके की हवा को जहरीला बना दिया है। घरों की छतों, पेड़ों और पानी के स्रोतों तक में धूल की मोटी परत जम रही है। वहीं भारी मशीनों और ट्रकों की आवाज से क्षेत्र में लगातार ध्वनि प्रदूषण बना रहता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
“बच्चों का भविष्य दांव पर”
कैमरे के सामने अपनी बात रखते हुए स्कूली बच्चों ने कहा कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है, आंखों में जलन रहती है और पढ़ाई पर भी इसका असर पड़ रहा है। बच्चों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उनका स्वास्थ्य और भविष्य दोनों खतरे में पड़ जाएंगे।
दीपक जोशी ने उठाई आवाज
बिंदुखत्ता बेरोजगार संगठन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन से जुड़ा गंभीर संकट है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्रवासी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जल स्रोत भी हो रहे प्रभावित
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रेशर से निकलने वाली धूल और गंदगी पास के जल स्रोतों में भी पहुंच रही है, जिससे पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है। इससे न केवल पीने के पानी पर असर पड़ रहा है, बल्कि पशुओं और खेती पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
कैमरे के माध्यम से उत्तराखंड जागरण “तीसरी आंख” के संपादक अजय अनेजा को अपनी बात रखते हुए लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और शासन से मांग की है कि इस स्टोन क्रेशर की तत्काल जांच कराई जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो इसे बंद करने सहित कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेता है और बिंदुखत्ता की जनता को इस प्रदूषण से राहत मिल पाती है या नहीं। फिलहाल क्षेत्र में आक्रोश साफ तौर पर नजर आ रहा है और लोग न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।







