अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉 बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की मांग तेज, तीसरे दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
लालकुआं/बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग अब तेज होती जा रही है। अधिसूचना शीघ्र जारी करने की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में आज वनाधिकार समिति द्वारा शहीद स्मारक के समीप एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए।
जनसभा के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी तराई पूर्वी हिमांशु बांगरी और अपर जिलाधिकारी विवेक राय नैनीताल मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की। दोनों अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि बिंदुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। अधिकारियों के इस आश्वासन पर वनाधिकार समिति ने उनका आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई।
सभा में मौजूद लोगों ने एक स्वर में मांग उठाई कि बिंदुखत्ता को अविलंब राजस्व गांव घोषित किया जाए और इसके लिए अधिसूचना तुरंत जारी की जाए। वनाधिकार समिति के पदाधिकारियों ने अब तक किए गए प्रयासों और कार्रवाई की विस्तृत जानकारी भी जनसमूह को दी। वही जिलाधिकारी नैनीताल के न पहुंचने पर जनता नाराज भी दिखाई दी
मौके पर वन अधिकार संगठन के उमेश भट्ट, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बसंत पांडे, एडवोकेट बलवंत बिष्ट, पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल, हरेंद्र सिंह बोरा, प्रमोद कलोनी, दीपक जोशी, खिलाफ सिंह दानू, जीवन उप्रेती, राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखंडी, ललित कांडपाल, पूरन सिंह परिहार, विक्की पाठक, हेमवती नंदन दुर्गापाल, शेखर जोशी, भुवन जोशी, एडवोकेट मोहन चंद्र कांडपाल, तरुण जोशी, महेश फुलारा, गोविंद दानू, संध्या डाला कोटी, उर्मिला धामी, बीना जोशी, ममता बिष्ट, गौरव जोशी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
जनसभा का संचालन भरत नेगी ने किया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
