एसएसपी अजय गणपति का बड़ा एक्शन: नाबालिग दुष्कर्म मामले में लापरवाही पर दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉 पंतनगर 👉 रुद्रपुर दुष्कर्म कांड में पुलिस की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई
नाबालिग पीड़िता की फरियाद पर नहीं जागी पुलिस, दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित; एसएसपी अजय गणपति ने मांगी 7 दिन में रिपोर्ट
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की संवेदनहीनता और घोर लापरवाही सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने कड़ा एक्शन लेते हुए दो महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर हुई इस कार्रवाई ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुद्रपुर क्षेत्र निवासी एक महिला ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि बीती 17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी एक युवक उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। मामले की सूचना मिलने पर पीलीभीत पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी को बिलसंडा थाना क्षेत्र से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था।
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि मई माह के प्रथम सप्ताह में किशोरी की तबीयत बिगड़ने पर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, जिसमें वह गर्भवती पाई गई। इसके बाद पीड़िता की मां न्याय की गुहार लेकर रुद्रपुर कोतवाली, पंतनगर कोतवाली और महिला हेल्प डेस्क के लगातार चक्कर काटती रही, लेकिन आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही समय रहते कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई की।
न्याय के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता की मां आखिरकार एसएसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति को अवगत कराया। मामला सामने आते ही एसएसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराई, जिसमें कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और संवेदनहीन रवैया उजागर हुआ। इसके बाद दोनों महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
एसएसपी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश देते हुए क्षेत्राधिकारी डीआर वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें सात दिन के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कप्तान ने कहा कि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इधर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पोक्सो अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई कितनी आवश्यक है। एसएसपी ने जनपद के सभी थाना प्रभारियों और महिला हेल्प डेस्क को ऐसे मामलों में बिना देरी के विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

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