बकरीद पर धामी सरकार सख्त: 28 मई को अवकाश, नैनीताल में डीएसए मैदान की नमाज अनुमति रद्द, खुले में कुर्बानी पर रोक पड़े पूरी खबर

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 बकरीद पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: अवकाश 28 मई को, नैनीताल में डीएसए मैदान की नमाज अनुमति रद्द, खुले में कुर्बानी पर सख्ती
नैनीताल। उत्तराखंड सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के सार्वजनिक अवकाश की तिथि में बदलाव करते हुए अब 28 मई 2026 को प्रदेशभर में अवकाश घोषित किया है। पहले यह अवकाश 27 मई को निर्धारित किया गया था। शासन के संशोधित आदेश के अनुसार निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट-1881 के अंतर्गत राज्य के सभी बैंक, कोषागार और उप-कोषागार भी 28 मई को बंद रहेंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि पूर्व आदेश की अन्य सभी शर्तें यथावत लागू रहेंगी।
इधर सरोवरनगरी नैनीताल में बकरीद को लेकर प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। मल्लीताल कोतवाली में आयोजित बैठक में प्रशासन ने साफ कर दिया कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और खुले क्षेत्रों में नमाज या पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी तथा सभी व्यवस्थाएं तय नियमों के अनुसार संचालित की जाएंगी।
एसपी क्राइम एवं यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि कुर्बानी केवल अधिकृत स्लाटर हाउस में ही की जा सकेगी। खुले स्थानों, गलियों और सार्वजनिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की कुर्बानी प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने बताया कि तल्लीताल स्थित स्लाटर हाउस फिलहाल बंद है। यदि उसे अस्थायी रूप से खोलना है तो अमन कमेटी को न्यायालय या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी, अन्यथा शहर से बाहर स्थित अधिकृत वधशालाओं का उपयोग करना पड़ेगा।

बैठक में डीएसए मैदान में ईद की नमाज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। प्रशासन ने कहा कि सक्षम अधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही मैदान में नमाज की इजाजत दी जाएगी और यातायात व्यवस्था बाधित नहीं होने दी जाएगी। हालांकि बाद में नैनीताल जिमखाना के अवैतनिक महासचिव मनोज जोशी ने अंजुमन इस्लामिया को दी गई अनुमति निरस्त कर दी। उन्होंने कहा कि डीएसए मैदान मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए है और किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति आवश्यक है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी और वह अनुमति देने के अधिकृत अधिकारी भी नहीं हैं।
बैठक में एसडीएम नवाजिश खलिक, सीओ अंजना नेगी, व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन नेगी, महामंत्री त्रिभुवन फर्त्याल, हारून खान, मो. फारुख समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उधर नैनीताल झील संरक्षण और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को लेकर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता नितिन कार्की ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर खुले स्थानों पर पशु कुर्बानी रोकने की मांग उठाई है। ज्ञापन की प्रतियां जिलाधिकारी, एसएसपी और नगर पालिका परिषद को भी भेजी गई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि नैनीताल एक संवेदनशील पर्यटन एवं पारिस्थितिक नगर है और झील इसकी प्रमुख प्राकृतिक धरोहर है। खुले क्षेत्रों और नालों के पास पशु कुर्बानी होने से जैविक अपशिष्ट झील तक पहुंचने का खतरा बना रहता है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि खुले स्थानों, सार्वजनिक मार्गों और नालों के आसपास पशु कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही केवल प्रशासन द्वारा अधिकृत वधशालाओं में ही कुर्बानी सुनिश्चित की जाए। नगर में सार्वजनिक सूचना बोर्ड लगाने, झील और नालों को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त निगरानी टीम बनाकर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की भी मांग की गई है।
प्रशासन ने सभी समुदायों से सौहार्द, शांति और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।

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