अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 हल्द्वानी 👉 आबकारी विभाग गहरी नींद में, शराब माफियाओं पर लालकुआं-चोरगलिया पुलिस का प्रहार
“जिस काम के लिए आबकारी विभाग बना, वह जिम्मेदारी अब पुलिस निभा रही है”

नैनीताल जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत लालकुआं और चोरगलिया पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई ने जहां शराब तस्करों में हड़कंप मचा दिया है, वहीं आबकारी विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जनता के बीच अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी क्या केवल पुलिस की ही रह गई है? आबकारी विभाग आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है?

एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान में एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और सीओ हल्द्वानी/लालकुआं अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई कर शराब तस्करों पर शिकंजा कसा।
चोरगलिया पुलिस ने पकड़ी 80 लीटर कच्ची शराब
थानाध्यक्ष तारा सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान शक्तिफार्म सितारगंज निवासी तपन मालदार को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से करीब 80 लीटर अवैध कच्ची शराब (161 पाउच) बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
हल्दूचौड़ में 54 पेटी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार
वहीं प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह राणा के नेतृत्व में लालकुआं पुलिस और हल्दूचौड़ चौकी टीम ने कार्रवाई करते हुए राम सिंह कुँवर निवासी बिंदुखत्ता को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 54 पेटी देशी मसालेदार शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ धारा 60/72 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस की सक्रियता, आबकारी विभाग पर सवाल
लगातार पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाइयों ने यह साफ कर दिया है कि जिले में अवैध शराब का नेटवर्क सक्रिय है। हैरानी की बात यह है कि जिन इलाकों में पुलिस शराब पकड़ रही है, वहां आबकारी विभाग की मौजूदगी लगभग नदारद दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस लगातार शराब माफियाओं को पकड़ सकती है, तो आबकारी विभाग अब तक क्यों निष्क्रिय बना हुआ है?
ऑपरेशन प्रहार के तहत नैनीताल पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
