लालकुआ हल्द्वानी फर्जी पुलिस-सीबीआई अधिकारी बनकर कर रहे ठगी, पुलिस ने जारी की चेतावनी साइबर ठगों से हो जाएं सावधान

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 बिन्दुखत्ता 👉 कुमाऊं 👉 “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान, पुलिस ने जारी की जन-जागरूकता अपील
हल्द्वानी। साइबर अपराधों के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कुमाऊं परिक्षेत्र पुलिस ने आमजन को “डिजिटल अरेस्ट” जैसी साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, लेकिन साइबर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल के माध्यम से डराते-धमकाते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर कराने या गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
पुलिस के अनुसार ठग लोगों को फर्जी मामलों में फंसाने, गिरफ्तारी का भय दिखाने या बैंक खाते सीज करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाते हैं। कई बार लोग घबराकर अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं या ठगों के खातों में रकम ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, पिन, सीवीवी, बैंक खाता विवरण या अन्य गोपनीय जानकारी न दें। यदि कोई व्यक्ति वीडियो कॉल या फोन कॉल के जरिए सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है या दबाव बनाता है तो उसकी बातों में न आएं और तुरंत कॉल काट दें।
साइबर अपराध का शिकार होने या ऐसी किसी संदिग्ध कॉल की जानकारी मिलने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। वहीं किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर संपर्क कर पुलिस सहायता प्राप्त करें।
पुलिस ने कहा है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। आमजन से अपील की गई है कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा परिचितों को भी इस प्रकार की ठगी के प्रति जागरूक करें।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें” — यही साइबर सुरक्षा का सबसे बड़ा मंत्र है।

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