अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
गदरपुर से गिरफ्तार सलाउद्दीन पर STF का बड़ा खुलासा: पाकिस्तानी संपर्कों और संदिग्ध डिजिटल नेटवर्क की जांच तेज, मचा हड़कंप
उत्तराखंड STF की कार्रवाई में मिले डिजिटल साक्ष्य, टेलीग्राम-सिग्नल समेत कई प्लेटफॉर्म पर सक्रियता की जांच; विदेशी संपर्कों की पड़ताल जारी
गदरपुर/रुद्रपुर। उत्तराखंड में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गदरपुर निवासी मोहम्मद सलाउद्दीन को गिरफ्तार किया है। STF के अनुसार प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट, डिजिटल सामग्री और कुछ विदेशी संपर्कों के संकेत मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां डिजिटल नेटवर्क और संभावित कनेक्शनों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
STF अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और मोबाइल जांच में आरोपित की ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी मिली है। एजेंसी टेलीग्राम, सिग्नल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी सक्रियता, जुड़े समूहों और संदेशों की जांच कर रही है।
हथियार और संदिग्ध सामग्री बरामद होने का दावा
STF ने दावा किया है कि आरोपित की निशानदेही पर एक विदेशी पिस्तौल, पांच कारतूस, चार डेटोनेटर और AK-47 के दो कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह सामग्री कहां से आई और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

पाकिस्तान और अन्य राज्यों से संपर्क की जांच
STF के अनुसार जांच में पाकिस्तान समेत अन्य स्थानों से संभावित संपर्कों के संकेत मिले हैं। इसके अलावा तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
डिलीट चैट और डेटा रिकवरी में जुटे साइबर विशेषज्ञ
जांच में सामने आया है कि कुछ डिजिटल डेटा हटाया गया था। अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से उसे रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे संभावित संपर्कों और गतिविधियों की अधिक जानकारी सामने आ सके।
STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने कहा है कि राज्य में सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच जारी है। STF का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।
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