अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 ‘एक पौधा, पुरानी पेंशन बहाली के नाम’ अभियान को मिला जनसमर्थन
महिला कर्मचारियों का ऐलान – पुरानी पेंशन सम्मान, सुरक्षा और भविष्य का अधिकार
देहरादून। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा, उत्तराखंड (NOPRUF) के आह्वान पर पूरे प्रदेश में “एक पौधा, पुरानी पेंशन बहाली के नाम” अभियान उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। अभियान के तहत कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों एवं महिला कर्मचारियों ने विभिन्न कार्यस्थलों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अवस्थी ने कहा कि एक पौधा केवल प्रकृति संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का प्रतीक भी है। इसी प्रकार पुरानी पेंशन कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की गारंटी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का वर्षों पुराना संघर्ष किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक सुरक्षा का आंदोलन है।
महिला प्रदेश अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कही यह बात
मोर्चा की प्रदेश महिला अध्यक्ष रनीता विश्वकर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली अभियान केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारी इस जनआंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रही हैं और सरकार से अपेक्षा करती हैं कि कर्मचारियों की न्यायोचित मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
उन्होंने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चितता की ओर धकेलती है, जबकि पुरानी पेंशन सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। सरकार को कर्मचारियों की दशकों पुरानी मांग पर अब और विलंब नहीं करना चाहिए।
डॉ. नीतू कार्की ने बताया अभियान का उद्देश्य
मोर्चा की प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष (महिला) डॉ. नीतू कार्की ने कहा कि “एक पौधा, पुरानी पेंशन बहाली के नाम” अभियान पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। जिस प्रकार एक पौधा बढ़कर लोगों को छाया, ऑक्सीजन और जीवन देता है, उसी प्रकार पुरानी पेंशन कर्मचारियों और उनके परिवारों को जीवनभर सुरक्षा और सम्मान प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारी अब केवल अपनी समस्याओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अधिकारों की आवाज भी मजबूती से उठा रही हैं। यदि सरकार कर्मचारियों की भावनाओं की लगातार उपेक्षा करती रही तो प्रदेश की महिला शक्ति आंदोलन को और व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जनजागरूकता अभियान रहेगा जारी
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए जनजागरूकता का सशक्त माध्यम है। आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक जनपद, ब्लॉक और कार्यस्थल पर इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों की आवाज समाज और सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
अंत में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा, उत्तराखंड ने अभियान में सहयोग देने वाले सभी कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों, महिला कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया का आभार व्यक्त किया। मोर्चा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली तक संगठन का लोकतांत्रिक संघर्ष पूरी मजबूती के साथ लगातार जारी रहेगा।
‘एक पौधा, पुरानी पेंशन बहाली के नाम’ अभियान को मिला जनसमर्थन महिला कर्मचारियों का ऐलान – पुरानी पेंशन सम्मान, सुरक्षा और भविष्य का अधिकार
