हरेला सप्ताह: रितेश शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, वृक्षारोपण और भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

ख़बर शेयर करें

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
हरेला सप्ताह: रितेश शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश, वृक्षारोपण और भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

“एक विद्यार्थी–एक पौधा” अभियान के साथ छात्रों ने लिया प्रकृति संरक्षण का संकल्प, हरेला के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व पर रखे प्रभावशाली विचार
कोटद्वार | उत्तराखंड जागरण
उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक लोकपर्व हरेला के अवसर पर जानकीनगर, कोटद्वार स्थित रितेश शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हरेला सप्ताह के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान एवं भाषण प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के प्रति विशेष संदेश दिया गया।


विद्यालय के परीक्षा एवं मीडिया प्रभारी आचार्य रोहित बलोदी ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान एवं भारतीय शिक्षा समिति, उत्तराखंड के निर्देशन में प्रदेशभर के सरस्वती शिशु एवं विद्या मंदिरों में हरेला सप्ताह के दौरान विभिन्न पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने अवकाश के दिन अपने-अपने घरों पर अभिभावकों के साथ औषधीय, फलदार और छायादार पौधों का रोपण कर “एक विद्यार्थी–एक पौधा” अभियान को जनसंदेश का रूप दिया।
हरेला सप्ताह के दूसरे दिन आयोजित भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने हरेला पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित किए गए, जिनमें उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला, पर्यावरण संरक्षण तथा देवभूमि की कृषि परंपरा और लोकसंस्कृति प्रमुख रहे।
प्रतियोगिता के परिणामों में सब जूनियर वर्ग में अनुष्का नैथानी प्रथम, आराध्या बिष्ट द्वितीय और नक्ष तृतीय रहे। जूनियर वर्ग में केशव ने प्रथम, आस्था ने द्वितीय और अपर्णा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं सीनियर वर्ग में नवीन सिंह प्रथम, अभिनव नेगी द्वितीय तथा आकांक्षा और तन्वी संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम का संयोजन साक्षी अग्रवाल एवं पूनम नेगी ने किया, जबकि निर्णायक मंडल में नंदिनी नैथानी, संगीता कुकशाल और सुबोध ध्यानी शामिल रहे।
समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती तथा विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य अनिल कोटनाला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक संदेश दिया।

error: Content is protected !!