बेरीपड़ाव में तेंदुए ने मचाई दहशत, सुबह से गन्ने के खेतों में छिपा; ड्रोन और मैनुअल सर्च में भी नहीं आया पकड़ में गांव में दहशत का माहौल,देखें वीडियो

अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 बेरीपड़ाव में तेंदुए ने मचाई दहशत, सुबह से गन्ने के खेतों में छिपा; ड्रोन और मैनुअल सर्च में भी नहीं आया पकड़ में
गांव में दहशत का माहौल, वन विभाग की टीम ने चलाया सर्च अभियान; शाम को फिर शुरू होगी तलाश
बेरीपड़ाव। ग्राम पंचायत दुर्गापालपुर परमा के ग्राम हिम्मतपुर चौम्वाल स्थित बी.सी. रजवार मेमोरियल पब्लिक स्कूल परिसर में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार शाम करीब आठ बजे और शुक्रवार सुबह करीब 6:10 बजे स्कूल परिसर के आसपास एक बड़ा तेंदुआ घूमता हुआ दिखाई दिया। लगातार तेंदुए की गतिविधि सामने आने के बाद क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।


तेंदुए की सूचना मिलते ही क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेन्द्र चन्द्र दुर्गापाल ने वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन से तत्काल मदद मांगी। इसके बाद उन्होंने स्वयं ग्रामीणों के साथ विद्यालय परिसर, आसपास के आंतरिक मार्गों और आवासीय क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया। वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर तेंदुए की तलाश शुरू की।
ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में चारों ओर गन्ने के खेत और घनी झाड़ियां होने के कारण तेंदुए को तलाशना बेहद मुश्किल हो रहा है। तेंदुआ सुबह से ही वन विभाग और ग्रामीणों को छका रहा है और गन्ने के खेतों में छिपा होने की आशंका है। वन विभाग की ओर से ड्रोन कैमरे से भी सर्चिंग कराई गई, लेकिन अभी तक तेंदुए की लोकेशन सामने नहीं आ सकी है। मैनुअल सर्च अभियान में भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेन्द्र चन्द्र दुर्गापाल ने तेंदुए और जंगली हाथियों से क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को लेकर डीएफओ पूर्वी तराई को संबोधित ज्ञापन वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी को क्षेत्रवासियों की मौजूदगी में सौंपा। ज्ञापन में वन्यजीवों की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल हिम्मतपुर चौम्वाल में ही नहीं, बल्कि नाथूपुर चौम्वाल, हिम्मतपुर चौम्वाल, हल्दूचौड़ जग्गी, भवानीपुर हरिसिंह, भवान सिंह नवाड़, किसनपुर सकुलिया, मोटाहल्दू, भंडारी फार्म और बेरीपड़ाव सरकारी फार्म सहित आसपास के कई क्षेत्रों में पूर्व में भी तेंदुए दिखाई दे चुके हैं। इसके अलावा रात के समय जंगली हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से भी ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार वन्यजीवों की आवाजाही के कारण शाम होते ही लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। स्कूल परिसर में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद बच्चों और अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग की टीम तेंदुए की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार आज शाम एक बार फिर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। फिलहाल गन्ने के खेतों और झाड़ियों में तेंदुए की तलाश जारी है। मौके पर बड़ी संख्या में दहशतजदा ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने वन विभाग से जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित करने की मांग की है।