अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
कुमाऊं में दुष्कर्म के 61% मामले अकेले ऊधम सिंह नगर में, महिला सुरक्षा पर आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में दुष्कर्म के मामलों का आंकड़ा महिला सुरक्षा को लेकर तस्वीर सामने रख रहा है। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में मंडल के छह जिलों में दुष्कर्म के 170 मामले दर्ज हुए। इनमें अकेले ऊधम सिंह नगर में 103 मामले दर्ज किए गए। यानी कुमाऊं में दर्ज कुल मामलों में करीब 61 प्रतिशत मामले यूएस नगर के हैं। आंकड़ों के अनुसार मंडल में दुष्कर्म के हर 10 मामलों में करीब छह मामले अकेले ऊधम सिंह नगर में दर्ज हो रहे हैं।
पुलिस के 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार नैनीताल जिले में 37 मामले दर्ज हुए। इसके बाद पिथौरागढ़ में 10, अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर में सात और चंपावत में छह मामले सामने आए। ऊधम सिंह नगर में दर्ज 103 मामले नैनीताल के 37 मामलों के मुकाबले करीब तीन गुना हैं।
पिछले साल से 37 मामले कम
हालांकि आंकड़ों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी भी सामने आई है। वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में कुमाऊं मंडल में दुष्कर्म के 207 मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 की समान अवधि में यह संख्या घटकर 170 रह गई। यानी एक साल में 37 मामलों की कमी आई है।
नैनीताल में सबसे अधिक 16 मामलों की कमी दर्ज हुई। यहां वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में 53 मामले दर्ज हुए थे, जो इस वर्ष घटकर 37 रह गए। ऊधम सिंह नगर में मामले 110 से घटकर 103 हुए हैं।
इसी तरह अल्मोड़ा में 12 से घटकर सात, पिथौरागढ़ में 16 से 10 और चंपावत में 11 से छह मामले हुए हैं। वहीं बागेश्वर में स्थिति इसके उलट रही। यहां दुष्कर्म के मामले पांच से बढ़कर सात हो गए।
तीन साल में आंकड़ा 550 तक पहुंचा
तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में कुमाऊं मंडल में 173 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 207 पहुंच गया। वहीं 2026 के पहले छह महीनों में ही 170 मामले दर्ज हो चुके हैं। इस तरह इन आंकड़ों को जोड़ने पर तीन साल की अवधि में 550 मामले सामने आते हैं।
एक ओर मंडल में पिछले साल की तुलना में मामलों में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर अकेले ऊधम सिंह नगर में 103 मामले दर्ज होना महिला सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती को सामने रखता है।
पुलिस बोली—जागरूकता अभियानों का दिख रहा असर
आईजी कुमाऊं मंडल निवेदिता कुकरेती ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसका असर देखने को मिल रहा है। आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ शिकायतों पर कार्रवाई और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार की जा रही है। आंकड़ों में आई कमी को पुलिस जागरूकता और कार्रवाई के प्रभाव से जोड़ रही है, हालांकि ऊधम सिंह नगर में मामलों की संख्या अब भी पुलिस के लिए विशेष चुनौती बनी हुई है।

