अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 ब
SSP अजय गणपति का अवैध असलाह तस्करों पर बड़ा प्रहार, जम्मू-कश्मीर तक हथियार सप्लाई करने वाला अंतर्राज्यीय नेटवर्क ध्वस्त
सितारगंज में SOG रुद्रपुर और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 2 शातिर तस्कर गिरफ्तार; भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और बिना नंबर की कार बरामद
रुद्रपुर/सितारगंज।
उत्तराखंड को “भयमुक्त और अपराधमुक्त” बनाने के मुख्यमंत्री के संकल्प को जमीन पर उतारते हुए SSP ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस ने अवैध असलाह तस्करी के अंतर्राज्यीय नेटवर्क पर बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई इस कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर तक हथियार सप्लाई करने वाले दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार आतंकी गतिविधियों से भी जुड़े हो सकते हैं।

पुलिस के अनुसार, 08 अप्रैल 2026 को SOG रुद्रपुर और कोतवाली सितारगंज पुलिस की संयुक्त टीम क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि बिना नंबर प्लेट की सफेद स्विफ्ट कार में सवार दो संदिग्ध व्यक्ति सिडकुल फेस-02 क्षेत्र से कच्चे रास्ते के जरिए अवैध असलाह लेकर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। करीब शाम 6:25 बजे संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने कार मोड़कर भागने की कोशिश की। हालांकि, कच्चे रास्ते में वाहन फंस गया और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे पुलिस दबिश के डर से हथियारों को चोरगलिया जंगल में छिपाने जा रहे थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे और जम्मू निवासी वाहिद/वाजिद सहित अन्य लोगों तक असलाह पहुंचाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी पुत्र इन्द्रपाल सिंह निवासी बिरिया फार्म सिसैया, सितारगंज तथा निखिल वर्मा उर्फ रानू पुत्र रमेश चंद्र निवासी केशवनगर, सितारगंज के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 27 वर्ष बताई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से पांच-पांच मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, मारपीट, धमकी और उपद्रव जैसे मामले शामिल हैं। इससे साफ है कि दोनों आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 02 पोनिया 12 बोर रायफल, 01 रिवॉल्वर 32 बोर, 01 तमंचा 32 बोर, 01 तमंचा 315 बोर बरामद किया। इसके अलावा 315, 12 बोर और 32 बोर के कुल 215 जिंदा कारतूस और 129 खोखा कारतूस भी बरामद हुए। साथ ही एक बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट कार को भी कब्जे में लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में FIR संख्या 169/2026 के तहत कोतवाली सितारगंज में धारा 25(1-ख)(क), 26 आयुध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हवालात में निरुद्ध कर दिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
आतंकी कनेक्शन और बैंकिंग ट्रेल की जांच में जुटी पुलिस
पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को पुलभट्टा निवासी इन्द्रजीत संधू और पवन संधू के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए पूरे गिरोह की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य राज्यों और संवेदनशील क्षेत्रों तक भी सक्रिय हो सकता है।
SSP अजय गणपति का सख्त संदेश
इस बड़ी कार्रवाई के बाद SSP ऊधमसिंहनगर अजय गणपति ने साफ कहा है कि जनपद में अवैध असलहा तस्करी, संगठित अपराध और आपराधिक नेटवर्क को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऊधमसिंहनगर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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