अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
हल्द्वानी की मोर्चरी में बड़ा कांड: अंतिम दर्शन में खुली पोल, अपने की जगह थमा दिया दूसरे का शव
एसटीएच की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव बदलने का मामला, दो परिवारों में मचा हड़कंप, स्वजनों ने अस्पताल में किया जमकर हंगामा।
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) की मोर्चरी में रविवार को घोर लापरवाही का मामला सामने आया, जिसने अस्पताल की शव प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पोस्टमार्टम के बाद एक परिवार को गलती से किसी दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार से पहले जब स्वजनों ने घर पर अंतिम दर्शन के लिए चेहरा देखा तो उनके होश उड़ गए। शव उनके परिजन का नहीं बल्कि किसी अन्य व्यक्ति का निकला।
जानकारी के अनुसार पनियाली निवासी रमेश चंद्र भट्ट (64) ने 17 जून को जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया था। उपचार के लिए उन्हें एसटीएच में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव स्वजनों को सौंप दिया।
परिजन शव को घर ले गए और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। इसी दौरान अंतिम दर्शन के समय जब चेहरे से कपड़ा हटाया गया तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच करने पर पता चला कि यह शव बागेश्वर के चिड़ंग गांव निवासी मनोज सिंह (40) का था, जिनकी भी उपचार के दौरान मृत्यु हुई थी।
घटना से आक्रोशित स्वजन गलत शव लेकर वापस एसटीएच की मोर्चरी पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। संयोगवश दूसरे शव के परिजन भी अस्पताल परिसर में मौजूद थे। इसके बाद दोनों शवों की पहचान कर उन्हें सही परिवारों को सौंपा गया।
पीड़ित परिवारों ने मोर्चरी स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एसटीएच की मोर्चरी में शवों की पहचान और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
