अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
विकास के दावों पर पहली बारिश की चोट! बिंदुखत्ता की सड़कें बनीं तालाब, जनता का सवाल- क्या इसी विकास के लिए चुने थे प्रतिनिधि?
लालकुआं/बिंदुखत्ता। विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत मानसून की पहली बारिश में ही सामने आ गई है। बिंदुखत्ता क्षेत्र में बारिश के बाद सड़कों पर भरे पानी, कीचड़ और गहरे गड्ढों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो ने क्षेत्र के विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनप्रतिनिधियों के दावों पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
बरसों से बेहतर सड़क, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के वादे किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही धरातल की तस्वीर बदल जाती है। पहली ही बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील हो जाना व्यवस्थाओं की गंभीर खामी को उजागर करता है।
जनता पूछ रही—वादों की सड़क कहां है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में विकास के नाम पर घोषणाएं तो खूब हुईं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं। कई सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण, मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाता तो पहली बारिश में ही यह स्थिति सामने नहीं आती। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्या सिर्फ चुनाव तक सीमित है?
वायरल वीडियो ने खोली विकास की पोल
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल कर रहे हैं कि करोड़ों के विकास दावों के बावजूद बिंदुखत्ता की सड़कों की हालत इतनी खराब क्यों है।
अब निगाहें जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग पर हैं कि वे सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहते हैं या फिर जमीनी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं।
बारिश ने आईना दिखाया है—अब जनता जवाब मांग रही है।
