हल्द्वानी कालाढूंगी ज्ञापनों का ढेर, फिर भी सड़क नहीं! कई बार विधायक रहे वंशीधर भगत के क्षेत्र में विकास दम तोड़ता, जनता की पुकार बेअसर”देखें वीडियो

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 कालाढूंगी 👉 🚨
“ज्ञापनों का ढेर, फिर भी सड़क नहीं! कई बार विधायक रहे वंशीधर भगत के क्षेत्र में विकास दम तोड़ता, जनता की पुकार बेअसर”

विधायक, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक गुहार… फिर भी नहीं बनी सड़क, बरसों से कीचड़ और जलभराव में जीने को मजबूर लोग | उत्तराखंड जागरण की विशेष पड़ताल
हल्द्वानी/करायल (उत्तराखंड जागरण)। चुनावी मंचों पर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। कई बार विधायक रहे वंशीधर भगत के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के जौलासाल उर्फ करायल लक्ष्मी विहार कॉलोनी के लोग वर्षों से एक आरसीसी सड़क के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। हालत यह है कि विधायक, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन सड़क आज भी बदहाल है और लोगों की परेशानी जस की तस बनी हुई है।
उत्तराखंड जागरण को मिले दस्तावेज़ बताते हैं कि 07 अक्टूबर 2025 को क्षेत्रीय विधायक को सड़क निर्माण के लिए ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद ग्राम विकास मंत्री गणेश जोशी को भी खनन न्याय मद से सड़क निर्माण की मांग भेजी गई। इतना ही नहीं, 25 मई 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी विस्तृत ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग उठाई गई।

ज्ञापनों पर ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, स्वयं सहायता समूह के पदाधिकारी और दर्जनों स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क बरसात में पूरी तरह कीचड़ और जलभराव में बदल जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे फिसलते हैं, बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो जाता है और किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि सिर्फ आश्वासन मिले, लेकिन धरातल पर एक ईंट तक नहीं लगी।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिलाधिकारी नैनीताल को भी कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सवाल यह उठ रहा है कि जब मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्री, जिलाधिकारी और विधायक तक शिकायतें पहुंच चुकी हैं, तो आखिर सड़क निर्माण की फाइल किस मेज पर अटकी हुई है?
उत्तराखंड जागरण की पड़ताल में सामने आया है कि वर्षों से लोग मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि विकास के दावे लगातार किए जाते रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे बड़े जन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
जनता के सवाल
आखिर इतने ज्ञापनों के बाद भी सड़क निर्माण क्यों नहीं हुआ?
क्या जनप्रतिनिधियों के वादे केवल चुनाव तक सीमित हैं?
क्या प्रशासन जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति गंभीर है?

उत्तराखंड जागरण की विशेष रिपोर्ट में देखिए—कैसे कई वर्षों से बदहाल सड़क पर कीचड़, जलभराव और गड्ढों के बीच रोज़ाना जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं स्थानीय लोग।
(नोट: यह खबर स्थानीय नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए ज्ञापनों, दस्तावेज़ों और क्षेत्र की स्थिति पर आधारित है। विधायक, जिला प्रशासन या संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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