आईजी रिद्धिम अग्रवाल का पिथौरागढ़ में सख्त निरीक्षण, निर्माण गुणवत्ता और पुलिस व्यवस्था पर दिए कड़े निर्देश: पड़े पूरी खबर उत्तराखंड जागरण पर

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने पिथौरागढ़ में कसा प्रशासनिक शिकंजा, निर्माण कार्यों से लेकर पुलिस दफ्तर तक की गहन पड़ताल
जाजरदेवल थाने के निर्माण की गुणवत्ता पर सख्त रुख, डिजिटलीकरण, जवाबदेही और जनोन्मुख पुलिसिंग पर दिया जोर

पिथौरागढ़। कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कुमायूँ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने मंगलवार को जनपद पिथौरागढ़ का वार्षिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान आईजी ने साफ संदेश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय जवाबदेही में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने अपने निरीक्षण की शुरुआत जनपद में संचालित निर्माणाधीन एवं प्रचलित बृहद परियोजनाओं के स्थलीय जायजे से की। इस दौरान उन्होंने थाना जाजरदेवल के निर्माणाधीन भवन का विस्तार से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों व कार्यदायी संस्था से निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और प्रयुक्त सामग्री की मानकता को लेकर विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे हों, गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो और हर स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आईजी ने कहा कि मजबूत पुलिस अधोसंरचना बेहतर पुलिसिंग की बुनियाद होती है, इसलिए निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके बाद आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने पुलिस कार्यालय पिथौरागढ़ की विभिन्न शाखाओं का भी गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेख शाखा, अपराध शाखा और गोपनीय शाखा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित मामलों के निस्तारण, डिजिटलीकरण की प्रगति और कार्यालयीन पारदर्शिता की स्थिति का सूक्ष्म परीक्षण किया।
आईजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिकॉर्ड प्रबंधन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जाए तथा अभिलेखों का डिजिटलीकरण तेज गति से पूरा किया जाए, ताकि कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता दोनों बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर की पुलिसिंग में तकनीक का प्रभावी उपयोग अनिवार्य हो चुका है, इसलिए सभी शाखाओं को समन्वय के साथ काम करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में ठोस परिणाम देने होंगे।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, जवाबदेही तय करने और आमजन से जुड़ी पुलिसिंग को और अधिक जनोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अब केवल औपचारिक कार्यप्रणाली नहीं, बल्कि समयबद्ध, परिणाममुखी और पारदर्शी व्यवस्था ही प्राथमिकता होगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ श्री अक्षय प्रहलाद कोंडे सहित अन्य वरिष्ठ एवं अधीनस्थ अधिकारी भी मौजूद रहे। आईजी कुमायूँ का यह वार्षिक निरीक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और पुलिसिंग को आधुनिक व प्रभावी बनाने की गंभीर पहल के रूप में देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर, आईजी रिद्धिम अग्रवाल का पिथौरागढ़ निरीक्षण यह संकेत देता है कि कुमायूँ परिक्षेत्र में अब पुलिसिंग को अधिक सख्त, आधुनिक, पारदर्शी और जनता के प्रति उत्तरदायी बनाने की दिशा में तेज़ी से काम किया जा रहा है।

 

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