अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉
लालकुआं में करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल! लीज निरस्त भूमि पर फिर अतिक्रमण के आरोप, सरकारी जमीन पर कारखाना चलने की चर्चा से उठे सवाल
लालकुआं।
सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर लालकुआं क्षेत्र में एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की ऐसी सरकारी भूमि, जिसे पूर्व में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कब्जे में लिया गया था, उस पर दोबारा अतिक्रमण किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है कि लालकुआं क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पूर्व वर्षों में लीज निरस्त कर सरकारी भूमि को जिला प्रशासन ने अपने कब्जे में लिया था, लेकिन अब आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ रसूखदार लोगों द्वारा कथित रूप से मिलीभगत के सहारे उन्हीं जमीनों पर पुनः कब्जा कर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला इतना गंभीर है कि एक स्थान पर तो सरकारी जमीन पर कथित रूप से एक कारखाना तक संचालित होने की बात सामने आ रही है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नजर नहीं आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर सरकारी संपत्ति पर इस तरह की गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रहने के लिए एक छोटा सा आशियाना तक नसीब नहीं हो पा रहा है और लोग मजबूरी में किराए के मकानों में जीवन गुजार रहे हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोप बेहद गंभीर विषय हैं।
क्षेत्रवासियों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से मांग की है कि सरकारी भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण की जांच कराई जाए और यदि जांच में अनियमितता या अवैध कब्जा सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
देखिए कमिश्नर साहब, देखिए जिलाधिकारी महोदय — सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए अब ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। सरकारी भूमि पर यदि अवैध कब्जे या व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में आने वाले समय में कई और तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। संबंधित पक्षों का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
लालकुआं में करोड़ों की सरकारी जमीनो पर कब्जे का खेला ! लीज निरस्त भूमि पर फिर अतिक्रमण के आरोप, पूर्व के वर्षों में जिला प्रशासन ने किया था आधिन:सरकारी जमीनों पर पुनः अतिक्रमण :सूत्र
