मौत के हाईवे से लेकर लालकुआं बाजार तक बेपटरी व्यवस्था! हादसों के बाद जागा प्रशासन, लेकिन लालकुआं शहर अब भी अतिक्रमण और अव्यवस्था की गिरफ्त में”गहरी नींद में जिला प्रशासन

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 हल्दुचौड़ं 👉 मोटाहल्दु 👉 हल्द्वानी 👉

“मौत के हाईवे से लेकर लालकुआं बाजार तक बेपटरी व्यवस्था! हादसों के बाद जागा प्रशासन, लेकिन शहर अब भी अतिक्रमण और अव्यवस्था की गिरफ्त में”

सबहेडलाइन:

NH-109 पर लगातार हादसों के बाद संयुक्त निरीक्षण, वहीं लालकुआं मुख्य बाजार में सड़क पर कब्जा, दोनों ओर खड़े वाहन और अतिक्रमण से पैदल चलना तक मुश्किल।

हल्द्वानी/लालकुआं। हल्द्वानी से लालकुआं तक का राष्ट्रीय राजमार्ग-109 लगातार सड़क दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में हुई कई दर्दनाक दुर्घटनाओं के बाद आखिरकार जिला प्रशासन हरकत में आया और तीनपानी से गोरापड़ाव तक हाईवे का संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी, आरटीओ (प्रवर्तन), एनएचएआई, ट्रैफिक पुलिस तथा स्थानीय लोगों ने दुर्घटना संभावित स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान रॉन्ग साइड से चलने वाले वाहनों, अव्यवस्थित कट, स्टोन क्रेशरों में आने-जाने वाले भारी डंपरों और सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने बताया कि रॉन्ग साइड की समस्या को रोकने के लिए अंडरपास निर्माण सहित स्थायी समाधान पर विचार किया जा रहा है, जिसके लिए एनएचएआई की तकनीकी टीम जल्द सर्वे करेगी।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निरीक्षण से समस्या का समाधान नहीं होगा। इस हाईवे पर वर्षों से लगातार हादसे हो रहे हैं और अनेक लोगों की जान जा चुकी है। जगह-जगह अव्यवस्थित कट, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, तेज रफ्तार डंपर और लापरवाही आज भी बनी हुई है।

दूसरी ओर लालकुआं का मुख्य बाजार भी अव्यवस्था का बड़ा उदाहरण बना हुआ है। सड़क के दोनों ओर अवैध अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े चारपहिया वाहन पूरे बाजार को संकरा बना रहे हैं। हालत यह है कि पैदल चलने वाले लोगों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले बच्चों तक को सड़क पर जान जोखिम में डालकर चलना पड़ रहा है। हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या से पूरी तरह वाकिफ हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। समय-समय पर अभियान चलाने की बात जरूर होती है, लेकिन कुछ दिनों बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं।

लोगों का कहना है कि यदि हाईवे पर दुर्घटनाओं को रोकना है तो सिर्फ निरीक्षण नहीं, बल्कि अवैध कट बंद करने, भारी वाहनों की निगरानी, स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने और रॉन्ग साइड पर सख्त कार्रवाई करनी होगी। वहीं लालकुआं बाजार में अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर रोक लगाने और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस बार केवल निरीक्षण और बैठकों तक सीमित रहेगा, या फिर सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण के खिलाफ धरातल पर ठोस कार्रवाई कर जनता को राहत देगा? जनता को अब आश्वासनों से अधिक कार्रवाई का इंतजार है।

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