अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 रुद्रपुर 👉 रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। रुद्रपुर के पहाड़गंज क्षेत्र में नजूल और सीलिंग की सरकारी भूमि पर बने लगभग 200 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 199 भवन स्वामियों को नोटिस और ध्वस्तीकरण आदेश तामील कराए।
जिला विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि पहाड़गंज क्षेत्र में वर्षों से सरकारी भूमि पर बड़े पैमाने पर निर्माण किए गए थे। जांच के बाद पहले करीब 350 अवैध निर्माणों के खिलाफ चालान की कार्रवाई हुई और सुनवाई के उपरांत लगभग 200 भवनों को ध्वस्तीकरण के दायरे में लाया गया।
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के नेतृत्व में जिला विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, नगर निगम, पुलिस और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि संबंधित लोगों को एक माह के भीतर भूमि खाली करनी होगी, अन्यथा नियमानुसार बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
बिजली-पानी कनेक्शनों की भी होगी जांच
निरीक्षण के दौरान कई विवादित भवनों में बिजली कनेक्शन संचालित पाए गए। प्रशासन अब यह भी जांच करेगा कि इन भवनों को बिजली और अन्य सुविधाएं किस आधार पर उपलब्ध कराई गईं। यदि नियमों के उल्लंघन या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ध्वस्तीकरण से पूर्व बिजली और पेयजल कनेक्शन हटाए जाएंगे।
बाहरी लोगों को बसाने के आरोपों से बढ़ी हलचल
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मोटी रकम लेकर बाहरी व्यक्तियों को क्षेत्र में बसाने का काम किया। हालांकि इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
धोखाधड़ी मिली तो होगी कानूनी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि यदि जांच में भूमि खरीद-फरोख्त, फर्जीवाड़े या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनपदभर में जारी रहेगा अभियान
रुद्रपुर, किच्छा, गदरपुर, काशीपुर और अन्य क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्रवाइयां राजस्व अभिलेखों, प्राधिकरण की रिपोर्ट और विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं तथा प्रभावित पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया है।
सरकारी जमीन पर कब्जाधारकों के लिए यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर किसी भी समय चल सकता है।
