कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल की कड़ी कार्रवाई से टूटा ₹25 करोड़ के भू-माफिया सिंडिकेट का नेटवर्क, मास्टरमाइंड धनंजय :गिरी गिरफ्तार पड़े पूरी खबर

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉 आईजी रिद्धिम अग्रवाल की सख्ती से ₹25 करोड़ के भू-माफिया सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी धनंजय गिरी गिरफ्तार
कुमाऊं परिक्षेत्र में भोले-भाले लोगों को करोड़ों रुपये की भूमि एवं वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार बनाने वाले संगठित भू-माफिया सिंडिकेट पर पुलिस ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। लगभग ₹25 करोड़ से अधिक की ठगी से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुनर्गठित एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस संगठित अपराध से जुड़े मामलों में वर्ष 2018 से अब तक कुल 09 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि 03 मामलों की विवेचना वर्तमान में गहनता से जारी है। इसके अलावा 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार पुलिस के संज्ञान में आ रही हैं, जिससे इस फर्जीवाड़े के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में गठित एसआईटी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया और 17 अप्रैल 2026 को तत्काल प्रभाव से पुरानी एसआईटी को भंग कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के सीधे पर्यवेक्षण तथा एसपी क्राइम जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में नई पुनर्गठित एसआईटी का गठन किया गया।
पुनर्गठित एसआईटी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 21 मई 2026 को मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को जमीन के नाम पर झांसा देकर अवैध वित्तीय लाभ अर्जित कर रहा था।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 111 बीएनएस के तहत संगठित अपराध की कठोर धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसके साथ ही अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर धारा 107 बीएनएसएस के तहत जब्ती की प्रक्रिया भी गतिमान कर दी गई है। पुलिस का प्रयास है कि जब्त संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत पीड़ितों के बीच आनुपातिक रूप से वितरित कर उनकी आर्थिक क्षति की भरपाई कराई जा सके।
प्रशासन ने इन संपत्तियों के किसी भी प्रकार के अवैध क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भी आवश्यक पत्राचार भेज दिया है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से भू-माफिया और संगठित अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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