अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 लालकुआं 👉 बिन्दुखत्ता 👉
बिंदुखत्ता में 34वें दिन भी जारी रही राजस्व ग्राम की पदयात्रा, नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल
बिंदुखत्ता। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन की पदयात्रा शनिवार को 34वें दिन भी जारी रही। पश्चिमी घोड़ानाला के बाजपुर चौराहे से शुरू हुई पदयात्रा चाइल्ड सेक्रेट पब्लिक स्कूल होते हुए शिव मंदिर पहुंची। पदयात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं कर लोगों से 27 सितंबर को शहीद स्मारक पर प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया।
नेताओं की चुप्पी पर संगठन ने उठाए सवाल
वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि 34 दिनों से लगातार पदयात्रा चलने के बावजूद सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेताओं की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है। उन्होंने सांसद अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी हरीश रावत तथा नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जनता की मूल मांग के समर्थन में यदि नेता सामने नहीं आते हैं तो चुनाव के समय जनता के बीच जाने पर उनसे सवाल किए जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि पदयात्रा और प्रस्तावित रैली से दूरी बनाए रखने वाले जनप्रतिनिधियों के रुख को क्षेत्र की जनता गंभीरता से देख रही है।
विधायक के कथित बयान पर अर्जुन नाथ गोस्वामी का पलटवार
वन अधिकार समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी ने विधायक मोहन सिंह बिष्ट के उस कथित बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें समिति के लोगों की जिलाधिकारी के साथ बैठक कराए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि विधायक की ओर से ऐसी कोई बैठक कराई गई है तो उसके प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
गोस्वामी ने कहा कि समिति की अधिकारियों के साथ वार्ता कराने के लिए विधायक और सांसद सहित जनप्रतिनिधियों से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन उनकी ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनके अनुसार समिति ने अपने प्रयासों से एसडीएम, जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर पर मुख्य सचिव तक कई बार वार्ता की है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के समक्ष कानून और नियमों की चर्चा होने के बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना के लिए सरकार की मंशा को महत्वपूर्ण बताया जाता है। ऐसे में समिति, अधिकारी और सरकार के बीच त्रिपक्षीय वार्ता जरूरी है।
पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी पर भी लगाए आरोप
अर्जुन नाथ गोस्वामी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शासन के मुख्य सचिवों के साथ समिति की त्रिपक्षीय वार्ता कराने का कई बार आश्वासन दिया, लेकिन उनके अनुसार ये आश्वासन अब तक पूरे नहीं हुए हैं। हालांकि, ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं।
संगठन ने अब 27 सितंबर को शहीद स्मारक पर प्रस्तावित रैली को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों से बड़ी संख्या में रैली में पहुंचकर राजस्व ग्राम की मांग को मजबूती से उठाने की अपील की गई।
पदयात्रा में वन अधिकार संगठन अध्यक्ष उमेश भट्ट, वन अधिकार समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, इंद्र सिंह पनेरी, बलवंत बिष्ट, रमेश गोस्वामी, दौलत सिंह कोरंगा, ममता बिष्ट, मीना मेहता, संध्या डालाकोटी, नंदन बोरा, बसंत पांडे, दीपक रौतेला, कुंवर सिंह पवार, चंचल सिंह कोरंगा, बलवंत परिहार, भवान सिंह कठायत, गोविंद गिरी, गोपाल नेगी, खुशाल सिंह कोश्यारी, जीवन पांडे, सोहन लाल, दीपक जोशी, सुशील यादव, प्रकाश उत्तराखंडी, नंदन किरमोलिया, राजेंद्र फर्त्याल, पुष्पा परिहार, बसंती देवी, आशा देवी, आशा जोशी, भावना जोशी, चंपा देवी, धर्मा बिष्ट, लीला कार्की, पुष्पा देवी, हेमा पिमोली, लीला देवी, ममता परिहार, गंगा देवी, नंदी देवी, नीमा ऐठानी, दमयंती ठगुन्ना, पूरन बोरा, देवेंद्र गोस्वामी, दान सिंह बिष्ट, रंजीत परिहार, ठाकुर परिहार, चंदन बोरा, भुवन शर्मा, हरीश डसीला, जगदीश मठपाल, पूरन पाठक, भवान बिष्ट सहित अनेक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद थे

