कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और आईजी निवेदिता कुकरेती का बड़ा एक्शन, जमीन फर्जीवाड़े पर चला प्रशासन का डंडा; 30 मामलों में FIR की संस्तुति

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अजय अनेजा 👉 पत्रकार संपादक उत्तराखंड जागरण 👉 हल्द्वानी 👉
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और आईजी निवेदिता कुकरेती की सख्ती: जमीन फर्जीवाड़े पर बड़ा वार, 30 मामलों में FIR की संस्तुति; नैनीताल के 17 प्रकरण सबसे अधिक
हल्द्वानी। भूमि धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। कुमाऊं मंडल में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े, रिकॉर्ड में हेराफेरी और नियमों के विपरीत पंजीकरण के मामलों में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। कुमाऊं मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में 77 मामलों की समीक्षा के बाद 30 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की गई है।
इनमें सबसे अधिक 17 मामले नैनीताल जनपद के हैं, जबकि ऊधम सिंह नगर के 12 और अल्मोड़ा के एक मामले में भी मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भूमि धोखाधड़ी में शामिल लोगों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में मंडलायुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि फर्जीवाड़े से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जमीन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री पर मंडलायुक्त सख्त
बैठक में एक ही संपत्ति की बार-बार रजिस्ट्री (मल्टीपल रजिस्ट्री) के मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई। मंडलायुक्त ने पंजीयक और उप-पंजीयक स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि एक ही जमीन का कई बार हस्तांतरण हो रहा है तो यह व्यवस्था में गंभीर खामी का संकेत है।
वहीं दाखिल-खारिज प्रक्रिया में स्थलीय निरीक्षण नहीं करने वाले कर्मचारियों पर भी सवाल उठाए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि बिना भौतिक सत्यापन के अभिलेखों में बदलाव करना भूमि विवादों को बढ़ावा देता है।
बैंकों की भूमिका भी जांच के घेरे में
बैठक में संपत्ति को बंधक रखकर ऋण देने और बाद में उसी संपत्ति के हस्तांतरण के मामलों पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि यदि बैंकिंग प्रक्रिया में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित बैंक भी जांच और कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
बैठक में कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती, एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी ऊधम सिंह नगर अजय कुमार गणपति सहित राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की इस कार्रवाई को भूमि धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। एफआईआर की संस्तुति वाले मामलों में जांच आगे बढ़ने के साथ अब दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद तेज हो गई है।

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